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दिल्ली रोहिणी लूट मामला: पैसे हड़पने के लिए रची लूट की झूठी कहानी, बयान बदलने पर पकड़ा गया आरोपी

Delhi Rohini fake robbery case: दिल्ली के रोहिणी में 5 लाख रुपए की लूट का दावा जांच में झूठा निकला। पुलिस ने कार से पूरी रकम बरामद कर शिकायतकर्ता की साजिश का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी लूट की कहानी रचने की बात कबूल की।
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Delhi Rohini fake robbery case

मामले में रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल ने इस साजिश का खुलासा किया। फोटो सोर्स-ANI

Delhi Rohini fake robbery case:दिल्ली के रोहिणी इलाके में 5 लाख रुपए की कथित लूट का मामला पुलिस जांच में फर्जी साबित हुआ है। जिस घटना को शुरुआत में हथियार के बल पर हुई बड़ी वारदात माना जा रहा था, वह जांच के बाद एक सुनियोजित साजिश निकली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को सूचना दी थी कि तीन बदमाशों ने तमंचे की नोक पर उससे 5 लाख रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस की पूछताछ और जांच में उसकी कहानी पर कई सवाल खड़े हो गए। आखिरकार सच्चाई सामने आई तो पता चला कि लूटे गए रुपए उसकी अपनी कार में ही छिपे हुए थे।

बार-बार बयान बदलने पर हुआ शक

रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल के मुताबिक, पुलिस कंट्रोल रूम को एक व्यक्ति ने फोन कर बताया था कि उसके साथ हथियार के बल पर लूट की वारदात हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता से घटना की पूरी जानकारी जुटाई और कथित वारदात वाली जगह का भी निरीक्षण किया।

जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों को शिकायतकर्ता के बयान में कई विरोधाभास नजर आए। पूछताछ में वह बार-बार अपनी बात बदल रहा था और घटना के बारे में अलग-अलग जानकारी दे रहा था। पुलिस को शक हुआ कि जिस तरह से घटना बताई जा रही है, उसमें कुछ तथ्य छिपाए जा रहे हैं। इसके बाद जांच टीम ने शिकायतकर्ता के दावों की गहराई से पड़ताल शुरू की।

कार की चेकिंग और खुल गई पोल

संदेह बढ़ने पर पुलिस ने उसकी कार की तलाशी लेने का फैसला किया। कार की जांच के दौरान पुलिस को वही 5 लाख रुपए बरामद हो गए, जिनके लूटे जाने की शिकायत की गई थी। रकम मिलने के बाद पुलिस ने जब शिकायतकर्ता से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया।

पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई लूट नहीं हुई थी। उसने खुद ही पैसों को अपने पास रखने की नीयत से लूट की झूठी कहानी तैयार की थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोचा था कि झूठी शिकायत के जरिए वह रकम बचा लेगा और किसी को उस पर शक नहीं होगा। लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के तरीके से उसकी योजना नाकाम हो गई।

पुलिस अब आरोपी के खिलाफ झूठी सूचना देने, जांच को गुमराह करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी शिकायतें गंभीर अपराध हैं, क्योंकि इससे पुलिस का समय और संसाधन ऐसे मामलों में खर्च होते हैं, जबकि वास्तविक अपराधों की जांच प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की झूठी कहानियां गढ़कर कानून को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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