
West Bengal BJP: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की बात पर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के इस बयान पर शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि समिक भट्टाचार्य जैसे वरिष्ठ नेता से इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी।
प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को कहा कि किसी वरिष्ठ नेता को इस तरह की बात कहते समय थोड़ा सोचने की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को मिली बड़ी जीत के बाद समिक भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग के प्रति आभार जताने के लिए यह बात कही हो।
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद समिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की बात कही थी। उनके इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष की ओर से सवाल उठने लगे हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर इस तरह की टिप्पणी कई सवाल खड़े कर सकती है। उनके मुताबिक, किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में नेताओं के बयान का अलग-अलग मतलब निकाला जा सकता है।
हालांकि, प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि संभव है कि समिक भट्टाचार्य का मकसद चुनाव नतीजों के बाद चुनाव आयोग का धन्यवाद करना रहा हो। उन्होंने भट्टाचार्य की मंशा पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया, लेकिन उनके बयान को लेकर अपनी आपत्ति जरूर जाहिर की।
दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के बाद समिक भट्टाचार्य ने ज्ञानेश कुमार को लेकर यह बात कही थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस बयान की चर्चा शुरू हो गई। अब प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को लेकर नेताओं को बयान देते समय सावधानी रखनी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे बयानों को लोग अलग-अलग तरीके से देख सकते हैं।
फिलहाल, ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की समिक भट्टाचार्य की टिप्पणी और उस पर प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। एक तरफ भाजपा नेता ने ज्ञानेश कुमार के लिए सम्मान की बात कही है, वहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने उनके बयान के तरीके और समय पर सवाल उठाए हैं।