
Priyanka Gandhi statement: भारतीय हॉकी टीम की यूनिफॉर्म में केसरिया रंग को लेकर चल रही चर्चा अब राजनीतिक मुद्दा बनती नजर आ रही है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल रंग बदलने या प्रतीकों के जरिए लोगों की सोच नहीं बदली जा सकती।
प्रियंका गांधी ने संसद के बाहर कहा कि सरकार चाहे यूनिफॉर्म में बदलाव करे या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास को नए तरीके से पेश करने की कोशिश करे, लेकिन देश के युवा हर बात को समझ रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर युवाओं की ओर से उठाई गई आवाज का जिक्र करते हुए कहा कि वही देश की असली आवाज है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कोई भूमिका नहीं थी। प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
दरअसल, भारतीय हॉकी टीम की ड्रेस में केसरिया रंग को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा चल रही है। कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति और पहचान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे अलग नजरिए से पेश कर रहा है।
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में युवाओं को केंद्र में रखते हुए कहा कि आज की पीढ़ी हर मुद्दे को देख और समझ रही है। उनका कहना था कि देश की पहचान केवल रंगों और प्रतीकों से नहीं, बल्कि उसके इतिहास, लोकतांत्रिक मूल्यों और विचारों से बनती है।
इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति और तेज होने के संकेत हैं। जहां कांग्रेस इसे इतिहास और विचारधारा से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से ऐसे आरोपों पर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।
हॉकी यूनिफॉर्म विवाद अब केवल खेल से जुड़ा विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के इतिहास, राजनीति और विचारधारा की बहस का हिस्सा बन गया है।