
Rahul Gandhi Childhood Memories: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी दादी और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट में राहुल ने बचपन का वह पल याद किया, जब वह अपनी दादी की गोद में बैठकर उनसे संस्कृत का मंत्र सुना करते थे। दादी के दोनों हाथ पकड़कर उनकी आवाज सुनना और फिर उनके पीछे-पीछे मंत्र दोहराना राहुल के लिए आज भी एक अनमोल याद है।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह दादी की गोद में बैठते थे और उनके दोनों हाथ अपने हाथों में थाम लेते थे। इसके बाद उनकी आवाज सुनते और उनके साथ मंत्र दोहराते थे। राहुल ने इस याद को जिंदगी का बेहद खूबसूरत तोहफा बताया। उन्होंने लिखा कि दादी, आपने मुझे कितना खूबसूरत तोहफा दिया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में जिस मंत्र का जिक्र किया, वह है- 'असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय।' यह बृहदारण्यक उपनिषद का प्रसिद्ध मंत्र है। इसका सरल अर्थ है- हमें झूठ से सच की ओर ले चलो, अंधेरे से उजाले की ओर ले चलो और मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो।
राहुल ने इस मंत्र के बाद 'ओम शांति, शांति, शांति' भी लिखा। उनकी पोस्ट में सबसे खास बात यही है कि उन्होंने दादी के साथ बिताए बचपन के एक छोटे से पल को इतने अपनेपन के साथ याद किया। उनके शब्दों से पता चलता है कि बचपन में सुनी गई दादी की आवाज और उनसे सीखी गई यह बात आज भी उनके मन में बसी हुई है।
राहुल गांधी की इस पोस्ट में कोई राजनीतिक बयान नहीं है। उन्होंने इंदिरा गांधी को देश की पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर याद करने के बजाय अपने बचपन की एक निजी याद साझा की है। पोस्ट में एक ऐसे बच्चे की तस्वीर उभरती है, जो अपनी दादी की गोद में बैठकर उनसे कुछ सीख रहा है।
इंदिरा गांधी का नाम देश की राजनीति के बड़े नेताओं में लिया जाता है, लेकिन राहुल की इस पोस्ट में उनका एक अलग रूप सामने आया है। यहां वह एक ऐसी दादी के रूप में नजर आती हैं, जिनकी आवाज में सुनाया गया मंत्र उनके पोते के लिए जीवनभर की याद बन गया।
राहुल ने अपनी पोस्ट के आखिर में जिस तरह इस सीख को खूबसूरत तोहफा बताया, उससे साफ है कि उनके लिए दादी के साथ बिताया वह बचपन का पल कितना मायने रखता है। कई बार बचपन में सुनी गई छोटी-सी बात भी जिंदगी भर साथ रहती है। राहुल की यह पोस्ट उसी याद की झलक दिखाती है।