
राम गोपाल वर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि श्रीदेवी को लेकर उनकी दीवानगी शुरू हुई थी तेलुगू फिल्म Padaharella vayasu देखने के बाद। सिनेमाहाल से निकलने के बाद रामू को लगा था कि श्रीदेवी सच में नहीं हो सकती हैं। वह इतनी खूबसूरत हैं कि रियल है ही नहीं।इसके बार लगातार उन्होंने उनकी कई और फिल्में देखीं और उनकी दीवानगी दिन प्रति दिन बढ़ती गई।
राम गोपाल वर्मा ने जब अपनी पहली फिल्म 'शिवा' बनाई, तो चेन्नई में नागार्जुन के ऑफिस से निकलकर अक्सर श्रीदेवी के घर के पास खड़े हो जाते थे। राम गोपाल वर्मा ने कहा था कि मुझे लगता था कि श्रीदेवी जैसी देवी इंसानों के बनाए इस घर में कैसे रहती हैं। मैं घर के बाहर खड़ा रहता कि किसी दिन तो उनकी एक झलक मिल जाए, लेकिन ऐसा कभी हुआ नहीं।
राम गोपाल वर्मा की 'शिवा' रिलीज हुई और हिट भी हो गई, जिसके बाद प्रड्यूसर ने उनसे पूछा कि क्या वह श्रीदेवी के साथ फिल्म बनाना चाहेंगे? उन्होंने कहा, 'आप पागल हो गए हैं? मैं उन्हें देखकर ही मर जाऊंगा'। इसके बाद वो प्रड्यूसर के साथ वर्मा श्रीदेवी के उसी घर पर पहुंचे। हालांकि किस्मत ने तब भी साथ नहीं दिया और लाइट चली गई और वह कैंडल लाइट में उनके लिविंग रूम में इंतजार करते रहे।
श्रीदेवी की मां उन लोगों के पास आईं और बताया कि उन्हें मुंबई की फ्लाइट पकड़नी है और वह पैकिंग में बिजी हैं। काफी देर इंतजार करने के बाद श्रीदेवी आईं और कहा कि उनके साथ फिल्म करने के लिए तैयार हैं और मुंबई के लिए रवाना हो गईं। उस समय उनकी खुशी का ठिकना नहीं रहा।
बोनी कपूर से नफरत करने लगे थे राम गोपाल वर्मा-
राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी के लिए किए गए ट्वीट में बताया था कि, वो बोनी कपूर से बेहद नफरत करते थे। उन्होंने कहा था जो महिला एक सुपरस्टार थी, जिनकी खूबसूरती मैगजीन कवर और सिल्वर स्क्रीन पर चार चांद लगाती थी। मैंने उन्हें बोनी कपूर के घर में एक साधारण और विनम्र गृहणी की तरह रहते हुए देखा है, जिसकी वजह से मैं बोनी कपूर से नफरत करता हूं। मुझे उस परी का यूं साधारण रहना नागवार लग रहा था। मैं अब बोनी के घर नहीं जाता।