नई दिल्ली

विपक्ष के सांसदों ने पहले दिया चंदा, फिर दान पात्र को लेकर हुई खींचतान; राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद में अनोखा विरोध प्रदर्शन

Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर सपा-कांग्रेस सांसदों ने संसद के बाहर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। दान पात्र के जरिए जताए विरोध और चंदे में पारदर्शिता की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है।
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Ram Mandir Chanda Vivad
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर सपा-कांग्रेस ने किया अनोखा प्रदर्शन। संसद में दान पात्र लेकर पहुंचे सांसद। फोटो सोर्स-(ANI)

Ram Mandir Chanda Vivad: अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर चल रहे विवाद के बीच विपक्ष ने संसद परिसर के बाहर एक अलग अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने दान पात्र के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया और मंदिर चंदे में पारदर्शिता की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद अपने साथ दान पात्र लेकर पहुंचे। उन्होंने पहले उसमें पैसे डाले और इसके बाद इसी दान पात्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान दान पात्र को लेकर कुछ देर के लिए खींचतान जैसी स्थिति भी देखने को मिली। विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रतीकात्मक विरोध बताते हुए कहा कि जनता से मिले चंदे का पूरा हिसाब सामने आना चाहिए।

विपक्ष का आरोप, सवालों के जवाब नहीं मिले

सपा और कांग्रेस सांसदों का कहना था कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। ऐसे में मंदिर के लिए आने वाले चंदे को लेकर हर जानकारी साफ और पारदर्शी होनी चाहिए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चंदे से जुड़े कुछ सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं, इसलिए सरकार और संबंधित संस्थाओं को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

संसद परिसर में किया गया यह प्रदर्शन अपने तरीके को लेकर चर्चा में रहा। आमतौर पर राजनीतिक दल नारेबाजी, पोस्टर और तख्तियों के जरिए विरोध करते हैं, लेकिन इस बार विपक्षी सांसद दान पात्र को ही विरोध का माध्यम बनाकर सामने आए। उनका कहना था कि वे इसी जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि धार्मिक मामलों में जनता के विश्वास और पैसों का पूरा सम्मान होना चाहिए।

दान पात्र को लेकर खींचतान करते विपक्ष के सांसद।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना प्रदर्शन

विपक्ष के इस प्रदर्शन के बाद राम मंदिर चंदे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। सपा और कांग्रेस नेताओं ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी धार्मिक या सार्वजनिक अभियान में पारदर्शिता सबसे जरूरी है। वहीं, सत्ता पक्ष पहले भी इस तरह के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताता रहा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि विपक्ष बिना ठोस आधार के मुद्दे उठा रहा है और इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है।

फिलहाल संसद के बाहर दान पात्र के साथ किया गया यह प्रदर्शन सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष के इस अनोखे तरीके ने राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।