नई दिल्ली

दिल्ली में भाई-बहन ने किया सुसाइड, रिश्तेदारों ने बताई चौंकाने वाली कहानी, बोले-चार साल से दोनों…

Brother Sister Suicide: दिल्ली के दिलशाद गार्डन में किराए के फ्लैट में रह रहे भाई-बहन ने सुसाइड कर लिया। रिश्तेदारों ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद दोनों ने किसी से कोई वास्ता नहीं रखा।

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दिल्ली के दिलशाद गार्डन में चार साल से किराए पर रह रहे थे सगे भाई-बहन। (Photo: AI)

Brother Sister Suicide: राष्ट्रीय राजधानी में अपनों से दूर होकर चार साल से किराए के फ्लैट में रह रहे भाई-बहन के सुसाइड का मामला सामने आया है। मृतकों के रिश्तेदारों का कहना है कि माता-पिता की मौत के बाद दोनों भाई-बहन एक साथ रहने लगे। साथ ही उन्होंने अपने रिश्तेदारों से भी दूरियां बना ली थीं। मृतकों की पहचान 32 साल के वीरेश कुमार तोमर पुत्र देवेंद्र कुमार और 30 साल की प्रीति तोमर पुत्री देवेंद्र कुमार के रूप में हुई है। मृतकों के पिता भारतीय सेना में तैनात थे। साल 2011 में उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद साल 2021 में वीरेश और प्रीति की मां की भी बीमारी के चलते मौत हो गई। इसके बाद से दोनों दिल्ली के दिलशाद गार्डन में किराए के फ्लैट में साथ रहते थे।

फ्लैट से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना

डीसीपी शाहदरा ने बताया कि दिलशाद गार्डन डी पॉकेट के फ्लैट नंबर 409 से भयंकर बदबू आ रही थी। इसकी जानकारी पड़ोसी अशोक सिंह ने पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को फ्लैट के दरवाजे के बाहर तीन दिन का अखबार पड़ा मिला और फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। इससे यह साफ हो गया कि तीन दिन से फ्लैट में कोई आया और गया नहीं है। ऐसे में पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंची।

जहां कमरे में एक ही फंदे से एक युवक और एक युवती का शव लटकता मिला। कमरे की तलाशी लेने पर मिले आधार कार्ड से दोनों की भाई-बहन के रूप में पहचान सामने आई। दोनों उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के थाना रमाला के अंतर्गत आने वाले गांव फतेहपुर चक किशनपुर के रहने वाले थे। वह जिस फ्लैट में किराए पर रहते थे। वह दिलशाद गार्डन के सी ब्लॉक के फ्लैट नंबर सी-55, एक्स-3 निवासी राजीव पुत्र जिले सिंह का है।

पड़ोसियों से भी नहीं करते थे बातचीत

डीसीपी ने बताया कि मौके पर एफएसएल और क्राइम टीम को बुलाकर जांच करवाई जा रही है। घटनास्‍थल की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। अभी तक भाई-बहन की आत्महत्या के पीछे का कारण समझ नहीं आ रहा है, क्योंकि कमरे में पुलिस को कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। बहरहाल रिश्तेदारों से इनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। प्राथमिक जानकारी में पता चला है कि दोनों साल 2021 से दिलशाद गार्डन में किराए के फ्लैट में रह रहे थे। इसके बाद दोनों ने रिश्तेदारों के साथ ही अपने दादा-दादी से भी दूरी बना ली थी। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।

वहीं इस मामले में भाई-बहन के पड़ोसी योगेश अरोड़ा ने बताया कि पिछले चार सालों से दोनों यहां रहते थे, लेकिन वह किसी के संपर्क में नहीं थे। हमेशा घर के अंदर रहते थे और दरवाजा भी अंदर से बंद रखते थे। ऐसे में यहां कोई उनके नाम तक नहीं जानता है। दूसरी ओर घटना की सूचना पर बागपत से दिल्ली के सीमापुरी थाने पहुंचे वीरेश और प्रीति के रिश्तेदारों ने बताया कि साल 2011 में पिता की मौत के बाद वीरेश, प्रीति उर्फ चिंकी और उनकी मां ने रिश्तेदारों से कोई वास्ता नहीं रखा। साल 2021 में वीरेश और प्रीति की मां की भी मौत हो गई। इसके बाद दोनों बागपत से दिल्ली आकर रहने लगे। इस बीच दोनों से किसी से कोई संबंध नहीं रखा।

चार साल पहले मां की मौत के बाद आए थे दिल्ली

बागपत से वीरेश और प्रीति के दादा भी घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली के सीमापुरी थाने पहुंचे। उन्होंने बताया "वीरेश और प्रीति के पिता सेना में थे। उनकी 14 साल पहले मौत हो गई थी। जबकि इनकी मां की मौत चार साल पहले हो गई। दोनों आर्थिक रूप से संपन्न थे। इसके बावजूद दोनों ने आत्महत्या क्यों की? यह हमारी समझ से परे है। दोनों भाई-बहन आपस में मस्त रहते थे। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि दोनों ने लगभग तीन पहले सुसाइड किया है, क्योंकि फ्लैट के दरवाजे पर तीन दिन का अखबार पड़ा मिला है। अब आत्महत्या के पीछे के कारणों की जांच पड़ताल की जा रही है।

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