
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके वरिष्ठ नेता आशीष खेतान ने बुधवार को कहा कि वे लोकसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के लिए नहीं बल्कि निजी कारणों से पार्टी से अलग होने का फैसला किया है। अपने फेसबुक पोस्ट में आशीष खेतान ने लिखा कि "इससे पहले इसी वर्ष मैंने परिजनों और करीबी मित्रों से सलाह लेकर और काफी सोच-समझ कर सक्रिय राजनीति से अलग होने का निर्णय लिया था। लेकिन, पार्टी और सरकार के विभिन्न परेशानियों में रहने के कारण मैं इसका ऐलान नहीं कर सका और इसकी औपचारिक घोषणा करने के लिए सही समय का इंतजार कर रहा था। मैंने पार्टी नेतृत्व को भी कई बार अपना निर्णय बताया था।"
पार्टी से मुझे भरपूर प्यार मिला जिसका हमेशा आभारी रहूंगाः खेतान
आपको बता दें कि इससे आगे उन्होंने कहा कि पार्टी और सक्रिय राजनीति से अलग होने के उनके निजी फैसले को 'आप' से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे पार्टी, इसके सदस्यों और कार्यकर्ताओं से भरपूर प्यार मिला, जिसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा। फेसबुक पर उनकी यह पोस्ट राजनीतिक हलकों में कई अनुमानों और उनके पार्टी छोड़ने की रिपोर्ट के बाद आई है। इससे पहले उन्होंने ट्विटर पर अपने निर्णय की जानकारी दिए बिना अस्पष्ट जवाब दिए थे।
'आप’ की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया
आपको बता दें कि अभी तक आम आदमी पार्टी की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे पहले आशुतोष के इस्तीफे के बाद खुद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा था कि 'सर हम आपसे बहुत प्यार करते हैं, और इस जन्म में तो इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकते हैं'। हालांकि आशीष खेतान के मामले में अभी तक पार्टी की ओऱ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। बता दें कि केजरीवाल ने अभी तक न तो आशुतोष के इस्तीफे को मंजूर किया है और न ही आशीष खेतान के इस्तीफे को स्वीकारा है।
… पहले खेतान एक पत्रकार थे
आपको बता दें कि आशीष खेतान ने इससे पहले अप्रैल में व्यवसाय संबंधित वकालत करने के लिए दिल्ली वार्ता और विकास आयोग (डीडीसी) के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि वह वकालत करने के साथ-साथ लेखन की तरफ भी लौटना चाहते हैं। बता दें कि सक्रिय राजनीति में आने से पहले खेतान पत्रकार थे। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि ये अफवाहें बिल्कुल गलत है और उनके इस्तीफे का कोई भी संबंध लोकसभा चुनाव के टिकट से है। उन्होंने कहा, "पार्टी ने मुझसे आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कहा था लेकिन मैंने विनम्रता से इसे नामंजूर कर दिया था। एक और चुनाव लड़ने से मैं राजनीति की दुनिया में और गहरे चला जाता जो कि अभी मैं नहीं चाहता।" खेतान ने कहा, "मैं पार्टी में अपने पूर्व सहकर्मियों का बहुत सम्मान करता हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।"