
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध ने अनेक विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था के लिए तबाही का खतरा पैदा कर दिया है। रूस-यूक्रेन जंग का आज 50वां दिन है, तो वहीं इस दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नाटो देशों को खुली धमकी दी। तिन ने कहा अगर रूस यूक्रेन जंग में नाटो का कोई भी देश कूदता हैं और यूक्रेन की मदद करता हैं तो वह उन्हें बर्बाद कर देगा। तो वहीं वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से यूक्रेन की अर्थव्यवस्था में इस साल 45.1 प्रतिशत तक की गिरावट का अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बुधवार को अपनी नयी रिपोर्ट में चेताया है कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध से कई विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था के चरमराने का खतरा है, क्योंकि ये देश खाद्य वस्तुओं व ईंधन की और अधिक कीमतों का सामना करने के चलते ज्यादा मुश्किल आर्थिक दौर से गुजर रहे हैं। ये देश पहले से ही महामारी, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक सुधार के लिए धन की कमी से निपटने में संघर्ष कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध और रूस पर पश्चिमी देशों का प्रतिबंध दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है। इसमें कहा गया कि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध ने तेज वैश्विक मंदी, बढ़ती मुद्रास्फीति व कर्ज, और गरीबी के स्तर में वृद्धि की बढ़ती चिंताओं में और भी इजाफा कर दिया है। ऐसे में यूरोप और मध्य एशिया क्षेत्र में उभरते बाजार और विकासशील देशों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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आपको बता दें, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर 24 फरवरी 2022 को हमले का एलान किया था और अब तक यूक्रेन में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।
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