SANGAM Project: दिल्ली में SANGAM प्रोजेक्ट के जरिए ट्रैफिक सुधार की नई पहल शुरू हुई है, जिसमें लोगों की भागीदारी से जाम और अव्यवस्था की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
SANGAM Project: दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल का गई है। एक नए प्रोजेक्ट SANGAM की शुरुआत की गई है। इसकी शुरुआत 3 अप्रैल को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर की गई। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसमें सरकार के साथ आम लोग भी शामिल हो रहे हैं। इसमें स्थानीय निवासी, आरडब्ल्यूए, बाजार संघ और विभिन्न सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। ये सभी मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर ट्रैफिक समस्याओं को समझकर उनके समाधान पर काम कर रहे हैं।
इस योजना के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग अलग-अलग इलाकों में मिलकर बैठकें कर रहे हैं। अब तक करोल बाग, साकेत, चाणक्यपुरी, राजौरी गार्डन और डिफेंस कॉलोनी में 30 से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें 6,000 से अधिक लोग शामिल हुए हैं। इन बैठकों में लोग अपनी ट्रैफिक से जुड़ी समस्याएं सीधे अधिकारियों को बता रहे हैं और फिर वहीं पर उनके समाधान पर भी बात हो रही है। इससे लोगों को अपनी बात रखने का मौका मिल रहा है और प्रशासन को भी असली स्थिति समझने में मदद मिल रही है।
करोल बाग में लोगों ने ई-रिक्शा स्टैंड की गड़बड़ी, बेवजह लगे बैरिकेड्स, अतिक्रमण और शुक्रवार बाजार की वजह से लगने वाले जाम की शिकायत की। इसके बाद प्रशासन ने ई-रिक्शा स्टैंड को दूसरी जगह शिफ्ट किया और फालतू बैरिकेड्स हटा दिए। वहीं मयूर विहार में अंडरपास में पानी भरने की समस्या सामने आई, जिससे ट्रैफिक प्रभावित होता था। इस पर सख्ती से ध्यान दिया गया और सुधार के कदम उठाए गए।
हनुमान मंदिर रोड और बंगला साहिब गुरुद्वारा के आसपास अवैध पार्किंग रोकने के लिए ज्यादा स्टाफ लगाया गया और खास निगरानी रखी गई। मॉडल टाउन और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में सिग्नल टाइमिंग ठीक की गई और अतिक्रमण हटाया गया। साथ ही स्कूल के समय ट्रैफिक को संभालने के लिए व्यवस्था सुधारी गई। वहीं डिफेंस कॉलोनी में जी-ब्लॉक रोड को वन-वे बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा द्वारका और राजौरी गार्डन में जाम और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में आम लोगों को फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है, ताकि समस्याओं का जल्दी समाधान हो सके। इस योजना का ध्यान खास तौर पर अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा की भीड़, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, अतिक्रमण, सिग्नल टाइमिंग और पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर है। अब तक 50 से ज्यादा सुझाव मिले हैं, जिन्हें एक डिजिटल सिस्टम में रिकॉर्ड कर ट्रैक किया जा रहा है। आम जनता के साथ बैठक के बाद जमीनी स्तर पर सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं।