
AI जनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो
Arvind Kejriwal Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार को शराब नीति मामले से जुड़ी सुनवाई के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जो ट्रायल कोर्ट द्वारा खुद को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रहे जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के सामने पेश हुए थे, उन्होंने खुद अपनी दलीलें पेश कीं। केजरीवाल ने विस्तार से बताया कि क्यों वह चाहते हैं कि जस्टिस शर्मा खुद को इस केस की सुनवाई से अलग कर लें। उनकी तार्किक और प्रभावी जिरह से प्रभावित होकर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि वे एक अच्छे वकील भी बन सकते हैं।
अपनी बात पूरी करने के बाद जब केजरीवाल ने अदालत से जाने की अनुमति मांगी, तो जस्टिस शर्मा ने मुस्कराते हुए कहा, 'आपने बहुत अच्छी बहस की। आप वकील भी बन सकते हैं।' इस पर केजरीवाल ने शालीनता से जवाब देते हुए कहा, 'धन्यवाद मैम, मैं अभी जो कर रहा हूं, उसी में खुश हूं।' इस दौरान अदालत में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि केजरीवाल को वकील बनकर प्रोफेशनल कंपटीशन (प्रतिस्पर्धा) नहीं बढ़ानी चाहिए, जिससे कोर्ट रूम का तनावपूर्ण माहौल हंसी-मजाक में बदल गया।
दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को सबूतों के अभाव में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को इस मामले में बरी कर दिया था। सीबीआई ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने कुछ आशंकाओं के आधार पर जस्टिस शर्मा से खुद को इस केस से अलग करने (Recusal) का अनुरोध किया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर आंशिक रोक लगाते हुए सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश को भी निलंबित कर दिया था।
Updated on:
13 Apr 2026 05:37 pm
Published on:
13 Apr 2026 05:37 pm
