
नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं के मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन को एसीबी ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन निजी व्यक्तियों नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी ने बताया कि यह मामला सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर दर्ज हुआ था। आरोप है कि जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन के लिए जारी निविदा में ऐसी तकनीकी शर्तें रखी गईं, जिनसे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच में टेंडर की शर्तों में हेरफेर, प्रतिस्पर्धा सीमित करने और आपराधिक साजिश के आरोप सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई और तकनीक, मीडिया से जुड़े प्रावधानों तथा उपचारित पानी के जरूरी मानकों से संबंधित शर्तों में भी बदलाव किए गए।
जांच में पैसों के लेन-देन की भी बात सामने आई है। एसीबी का आरोप है कि कमीशन और रिश्वत की रकम कुछ निजी कंपनियों और फर्मों के जरिए इधर-उधर की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक एक फर्म के माध्यम से पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपए भेजे गए। इसी रकम से कथित तौर पर संपत्ति खरीदे जाने की भी जांच की जा रही है। एसीबी फिलहाल पूरे धन के लेन-देन और इससे जुड़ी संपत्तियों का पता लगा रही है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में 11 मई 2024 को केस दर्ज किया गया था।
जांच पूरी होने के बाद मंगलवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एसीबी का कहना है कि कथित अनियमितताओं से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। जैन की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि जिस टेंडर को लेकर कार्रवाई की जा रही है, उस समय सत्येंद्र जैन जेल में थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जेल में रहते हुए वह इस मामले के लिए जिम्मेदार कैसे हो सकते हैं।
ढांडा ने आरोप लगाया कि जैन पंजाब के सह प्रभारी हैं और वहां चुनाव नजदीक होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी को भाजपा के दबाव में की गई कार्रवाई बताया। गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन पहले धनशोधन मामले में लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। करीब 872 दिन जेल में रहने के बाद दिल्ली की अदालत से जमानत मिलने पर वह 19 अक्टूबर 2024 को तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। अब दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है।