
कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद। फोटो- आईएएनएस
नई दिल्ली/बेंगलुरू। वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने मंगलवार को अपनी पार्टी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमें सलाखों के पीछे भेज दे या फांसी पर लटका दे, तब भी हम वंदे मातरम के महज दो ही पद गाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रगीत गाने से रोकने का इशारा किया था।
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने इन आरोपों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की "साजिश और चालाकी भरी योजना" का हिस्सा बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने केवल इस बात पर आपत्ति जताई थी कि वंदे मातरम को सही तरीके से नहीं गाया जा रहा था। हरिप्रसाद के अनुसार, सोनिया गांधी ने कहा था कि वंदे मातरम को उचित ढंग से गाया जाना चाहिए और उनकी आपत्ति केवल इसके गायन की शैली को लेकर थी, न कि गीत को लेकर।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पैर में दिक्कत थी। इसी वजह से वह लंबे समय तक खड़े नहीं हो सकते थे। खड़गे की इसी दिक्कत को देखते हुए सोनिया गांधी ने उनके लिए कुर्सी मांगी थी। उन्होंने इस घटना की भाजपा और आरएसएस की ओर से की जा रही आलोचनाओं पर भी सवाल उठाया। उनके मुताबिक, आखिर अब तक आरएसएस ने 'नमस्ते सदा वत्सले' की प्रार्थना करने के बाद कितनी बार वंदे मातरम या राष्ट्रगान गाया है। क्या भाजपा या आरएसएस इस बारे में स्पष्टीकरण दे सकते हैं। हरिप्रसाद ने कहा कि जब आजादी की लड़ाई जारी थी, उस समय आरएसएस के लोग राष्ट्रविरोधी भूमिका निभा रहे थे। लिहाजा हमें उनसे किसी खास गीत को सीखने की कोई जरूरत नहीं है।
वहीं उनसे उस वीडियो के बारे में भी सवाल किया गया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि पार्टी वंदे मातरम नहीं गाएगी। इस पर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने साफ कहा कि उन्हें इस टिप्पणी के बारे में कोई खास जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता और अध्यक्ष होने के नाते मैं यह बात साफ कर देना चाहता हूं कि हम केवल दो ही पद गाएंगे। अब चाहे वह हमें इसके लिए सलाखों के पीछे डालें या फांसी के फंदे पर लटका दें। उन्हें जो करना है, करने दीजिए।
हरिप्रसाद ने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने ऐसे बलिदान दिए हैं, जिनसे देश को आजादी, राष्ट्रगान और वंदे मातरम प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि "आजाद हिंद जिंदाबाद", "वंदे मातरम्" और "इंकलाब जिंदाबाद" जैसे नारे स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा थे और सवाल उठाया कि क्या भाजपा और आरएसएस ने इनमें से एक भी नारा अपनाया है। उन्होंने कहा कि हमें उन लोगों से सीखने की जरूरत नहीं है, जिन्होंने अंग्रेजों के साथ हाथ मिलाया और स्वतंत्रता आंदोलन के खिलाफ काम किया। दिल्ली दौरे के बारे में पूछे जाने पर हरिप्रसाद ने कहा कि कांग्रेस उच्च कमान ने प्रत्येक जिले के लिए पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है, ताकि वे स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिता सकें और संगठन को मजबूत करने पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि उन सभी ने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी हैं। मुझे इन रिपोर्टों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली बुलाया गया है।
Updated on:
18 Aug 2026 09:01 pm
Published on:
18 Aug 2026 08:18 pm
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