तमिलनाडु के 4 जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में बारिश के खतरे को देखते हुए कई पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके चलते 4 जिलों में केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति है।
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने तमिलनाडु के 4 जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में बारिश के खतरे को देखते हुए कई पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके चलते 4 जिलों में केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति है। बताया गया कि तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपेट्टू जिलों में सभी सरकारी कार्यालय और सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद रहेंगे। बता दें कि आईएमडी द्वारा राज्य में जारी रेड अलर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया था। वहीं तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण बिजली का करंट लगने से 3 लोगों की मौत हो गई है, साथ ही कई स्थानों पर गंभीर जलभराव है, जिससे लोगों को समस्या हो रही है।
कई क्षेत्रों में बारिश की आशंका
जानकारी के मुताबिक चेन्नई और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ घंटों में बारिश थम गई है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण अभी भी मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। बताया गया कि डीजीपी कार्यालय के पास के 2 स्थानों और नुंगमबक्कम में 20 सेमी से अधिक बारिश हुई है। वहीं 4 स्थानों पर 19 सेमी से अधिक बारिश हुई है। वहीं जलजमाव की वजह से कुल चार सबवे बंद हो गए हैं।
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बता दें कि तिरुवल्लुर कलेक्टर ने सोशल मीडिया पर बारिश के चलते पैदा हुई स्थिति के बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण एहतियातन रेडहिल्स टैंक से 750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, फिलहाल पानी का प्रवाह करीब 2000 क्यूसेक है।
उन्होंने बताया कि खतरे को देखते हुए सरप्लस चैनल के किनारे खास तौर पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, स्थिति का जायजा लेने के लिए सीएम ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। गौरतलब है कि इस मौसम में बारिश के चलते लोगों की परेशानी बढ़ गई है।