
Shahzad Poonawalla on rahul gandhi: एक तरफ झारखंड आंदोलन को लेकर देश में जमकर राजनीति हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ संसद में जोरदार बहस देखने को मिल रही है। इसी बीच एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें ''बकैत'' करार दिया है। बता दें कि अपने एक्स हैंडल से शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है कि '72,786 की शर्त लगाता हूं कि गृह मंत्री अमित शाह के राहुल गांधी का ब्लफ पकड़ लेने के बाद अब वह अपना मुद्दा बदल देंगे। राहुल से बड़ा बकैती करने वाला कोई नहीं है।'
जानकारी के लिए बता दें कि संसद में गृह मंत्री पर विपक्ष लगातार हमलावर था और चर्चा के लिए अमित शाह की गैरमौजूदगी को लेकर लगातार सवाल कर था। अब उसी का जवाब देते हुए पूनावाला ने अपनी वीडियो में कहा है कि' देश के होम मिनीस्टर का बयान आ गया है। उन्होंंने कह दिया है कि अरे कांग्रेस वालों संसद जब चलने की नहीं दोगे तो मैं वहां पर आकर क्या करुंगा। पूनावाला ने बताया कि जंतर-मंतर हुए प्रोटेस्ट को लेकर अमित शाह संसद में चर्चा करने के लिए तैयार हैं।
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने NEET विवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि NEET का मुद्दा सामने आने के बाद NTA के खिलाफ सबसे पहले ABVP ने प्रदर्शन किया था और यह प्रदर्शन अभिजीत दीपके व अरविंद केजरीवाल के मैदान में उतरने से काफी पहले हुआ था। पूनावाला ने आगे तंज कसते हुए कहा कि वह अभिजीत दीपके की भावना से सहमत हैं, लेकिन इसमें एक बदलाव जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या NSUI और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया था?
संसद के मानसून सत्र में NEET विवाद और छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर बल प्रयोग के आदेश को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश गृह मंत्रालय की ओर से दिया गया था, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वहीं, अगर गृह मंत्रालय को इस कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी, तो फिर यह सवाल उठता है कि आखिर ऐसी कार्रवाई का फैसला किसके स्तर पर लिया गया। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष लंबे राजनीतिक भाषणों के बजाय इस मामले में सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करने का जवाब चाहता है।