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NEET पेपर लीक: 20 हजार पन्नों की CBI चार्जशीट पर कोर्ट का संज्ञान, NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

NEET paper leak latest news: NEET UG पेपर लीक मामले में CBI की करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया है। 13 अगस्त से आरोप तय करने को लेकर सुनवाई होगी। जांच में NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
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Rouse Avenue Court

NEET पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट पर कोर्ट में सुनवाई। फोटो सोर्स-(IANS)

NEET paper leak case: NEET UG पेपर लीक मामले में अब कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने वाली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI की ओर से दाखिल करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। अब 13 अगस्त से आरोप तय करने की प्रक्रिया को लेकर सुनवाई शुरू होगी।

CBI ने अपनी चार्जशीट में इस मामले से जुड़े कई लोगों को आरोपी बनाया है। अदालत में सुनवाई के दौरान चार्जशीट की जानकारी और गवाहों के नाम मीडिया में आने का मुद्दा भी उठा। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो बातें अभी अदालत के सामने रखी जानी बाकी हैं, वे पहले ही मीडिया में कैसे पहुंच रही हैं।

अदालत ने कहा कि इस तरह की जानकारी सामने आने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। CBI ने भी कोर्ट में इसी तरह की चिंता जताई। जांच एजेंसी ने कहा कि मीडिया में कुछ गवाहों के नाम प्रकाशित किए जा रहे हैं। इनमें नाबालिग गवाह भी हो सकते हैं। CBI ने यह भी कहा कि चार्जशीट के कुछ हिस्से लगातार सार्वजनिक हो रहे हैं।

CBI को आगे जांच की इजाजत मिलेगी या नहीं?

CBI ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखने के लिए अदालत से अनुमति मांगी है। कोर्ट ने इस अर्जी पर आरोपियों से जवाब मांगा है। इस पर भी 13 अगस्त को सुनवाई होगी। CBI की चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार और डॉ. मनोज शिरुरे समेत कई लोगों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल हैं।

NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

जांच के दौरान CBI को NEET के सवाल बाहर निकाले जाने को लेकर भी अहम जानकारी मिली है। एजेंसी का कहना है कि तीन विषय विशेषज्ञों ने दिल्ली स्थित NTA के गोपनीय सेक्शन से परीक्षा के सवाल अलग-अलग तरीकों से बाहर निकाले।

CBI के मुताबिक, गोपनीय सेक्शन में आने और बाहर जाने के समय विशेषज्ञों की तलाशी लेने की कोई पक्की व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा वहां CCTV कैमरों की लाइव निगरानी के लिए अलग से कोई कंट्रोल रूम भी नहीं था। इससे गोपनीय सेक्शन में मौजूद लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर नहीं रखी जा सकी।

पर्चियों से लेकर किताबों तक का इस्तेमाल

जांच एजेंसी के मुताबिक, एक आरोपी ने सवालों को कागज की छोटी-छोटी पर्चियों पर लिखकर छिपा लिया। वहीं, दो अन्य आरोपियों ने सवाल याद किए और होटल पहुंचने के बाद उन्हें लिख लिया। कुछ सवालों से जुड़े हिस्सों को किताबों में भी चिन्हित किए जाने की बात सामने आई है।

CBI का कहना है कि प्रश्नों के अनुवाद और दोबारा अनुवाद के दौरान विशेषज्ञों को रफ काम के लिए सादे कागज दिए जाते थे। आरोप है कि इन्हीं कागजों का इस्तेमाल परीक्षा के सवाल और उनके जवाब के विकल्प लिखने के लिए किया गया।

अब 13 अगस्त से अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई होगी। इस सुनवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा और साफ हो सकती है।