
Shehzad Poonawalla: भाजपा से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। पार्टी छोड़ते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर सरकार पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें वसुंधरा राजे, राम माधव और स्मृति ईरानी जैसे बड़े चेहरों की एंट्री हुई है।
मजेदार बात यह है कि जब पूनावाला ने पहले इस्तीफा दिया था, तब पार्टी के कहने पर वे थोड़ा रुक गए थे और अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए तैयार भी हो गए थे। लेकिन आखिरकार उन्होंने अपना इरादा नहीं बदला और भाजपा को अलविदा कह दिया। अब पार्टी से बाहर आते ही उन्होंने सीधे मिडिल क्लास (मध्यम वर्ग) और इनकम टैक्स का मुद्दा उठा दिया है।
शहजाद पूनावाला ने अपनी पोस्ट में लिखा कि देश का मिडिल क्लास दिन-रात मेहनत करके कमाता है और ईमानदारी से टैक्स भरता है, लेकिन बदले में उसे क्या मिलता है? उन्होंने कहा कि टैक्स देने के बाद भी लोगों को खराब सड़कें, जहरीली हवा, गंदा पानी और भ्रष्टाचार ही झेलना पड़ता है। उन्होंने मांग उठाई कि जब तक सरकार लोगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं नहीं दे पाती, तब तक नौकरीपेशा मिडिल क्लास का पर्सनल इनकम टैक्स पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।
पूनावाला ने सबसे पहले 30 जुलाई को इस्तीफा देने की बात कही थी। उस समय पार्टी के बड़े नेताओं ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया और उनसे दोबारा सोचने को कहा। पूनावाला ने कुछ दिन का समय लिया और बात मान भी गए थे। लेकिन फिर उन्होंने अपना मन पक्का कर लिया। 17 अगस्त को उन्होंने नितिन नवीन को फिर से अपना इस्तीफा भेजा और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व सभी पदों से खुद को अलग करने का अनुरोध किया।
हैरानी की बात यह है कि अपने इस्तीफे की चिट्ठी में पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रति पूरा सम्मान जताया था। उन्होंने कहा था कि वे किसी नाराजगी की वजह से पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं और पीएम मोदी के लिए उनके मन में सम्मान हमेशा रहेगा।
लेकिन एक तरफ जहां नितिन नवीन की नई टीम में बड़े नेताओं की वापसी हुई है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी से बाहर निकलते ही पूनावाला के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि भाजपा छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है।