
Shehzad Poonawalla News:शहजाद पूनावाला ने बीजेपी छोड़ दी, लेकिन उनके राजनीतिक तेवर कम होने के बजाय और तेज होते नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में चल रहे पूनावाला ने अब कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है। उनका आरोप है कि बीजेपी से अलग होने के बाद कांग्रेस से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि वह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ बोलेंगे। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कथित तौर पर एक नया अभियान शुरू कर दिया गया।
पूनावाला ने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ देर रात जारी एक वीडियो में दावा किया कि कांग्रेस से जुड़े 'इकोसिस्टम' के लोग कुछ दक्षिणपंथी पत्रकारों और सोशल मीडिया हैंडल्स को उनके खिलाफ बोलने के लिए कथित तौर पर उकसा रहे हैं। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि दो-चार पत्रकारों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को उनके खिलाफ 'सुपारी' दी गई है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया है।
पूनावाला के ताजा बयान को पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम से जोड़कर देखें तो तस्वीर और दिलचस्प हो जाती है। 17 अगस्त को उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दोबारा इस्तीफा दिया। इससे पहले 30 जुलाई को भी उन्होंने इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें फैसला बदलने को कहा था। आखिरकार उन्होंने दोबारा इस्तीफा देकर साफ कर दिया कि इस बार फैसला अंतिम है।
इस्तीफे के समय पूनावाला ने कहा था कि वह आर्थिक और निजी परिस्थितियों के कारण प्राइवेट सेक्टर में जाना चाहते हैं। इसके बाद 19 अगस्त को एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी आर्थिक परेशानी का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां प्रवक्ताओं को नियमित वेतन नहीं देतीं और उन्हें अपना किराया भी चुकाना होता है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि बीजेपी छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी या बीजेपी की विचारधारा के प्रति उनका समर्थन खत्म हो गया।
अब पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी के कुछ लोगों को लगा था कि बीजेपी छोड़ने के बाद वह मोदी और बीजेपी के खिलाफ बोलेंगे। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क भी किया और उनके बीजेपी छोड़ने पर सहानुभूति जताई।
लेकिन पूनावाला ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अपने जीवनकाल में उन्हें प्रधानमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके ऊपर पहले जैसा कोई 'फिल्टर' नहीं है और वह खुलकर अपनी बात रखेंगे।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी छोड़ने के बाद कांग्रेस में वापसी के सवाल पर भी पूनावाला ने दरवाजा लगभग बंद कर दिया है। हालिया बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर कभी कांग्रेस में लौटने की बात होगी तो गांधी परिवार के प्रमुख नेताओं को पार्टी नेतृत्व से हटना होगा और कांग्रेस को जवाहरलाल नेहरू से जुड़े मुद्दों पर माफी मांगनी होगी।
पूनावाला का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है। वह 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे और तब से कांग्रेस के खिलाफ मुखर रहे हैं। इसलिए बीजेपी से इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या वह अब कांग्रेस की तरफ लौटेंगे? पिछले कुछ दिनों के उनके बयानों से फिलहाल इसका जवाब साफ दिख रहा है। पार्टी बदली है, लेकिन कांग्रेस पर उनका हमला थमा नहीं है। अब उनके 'सुपारी' वाले आरोपों पर कांग्रेस की ओर से क्या जवाब आता है, यह देखना दिलचस्प होगा।