
SIR Voter Verification:दिल्ली में वोटर लिस्ट की जांच के लिए चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर सियासत गरम है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने SIR के तहत लोगों को भेजे जा रहे नोटिस पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर किसी के नाम में सिर्फ एक अक्षर का फर्क है, तो क्या ऐसे व्यक्ति को भी नोटिस भेज दिया जाएगा?
राशिद अल्वी ने कहा कि अगर पिता और बेटे के नाम में सिर्फ एक अक्षर का अंतर है, तो इसे आधार बनाकर नोटिस भेजना समझ से परे है। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में लोगों को बेवजह परेशानी हो सकती है।
अल्वी ने SIR की पूरी प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपने फैसले नहीं लेता, बल्कि केंद्र की बीजेपी सरकार के फैसलों को लागू करता है। हालांकि, यह अल्वी का राजनीतिक आरोप है।
दरअसल, दिल्ली में SIR के तहत वोटर लिस्ट में दर्ज जानकारी की जांच की जा रही है। इस दौरान कुछ लोगों के नाम, उम्र और दूसरी जानकारी में अंतर सामने आया है। कुछ मामलों में पुराने वोटर रिकॉर्ड और मौजूदा जानकारी का मिलान भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोगों को नोटिस भेजकर अपनी जानकारी साफ करने और जरूरी दस्तावेज देने के लिए कहा जा रहा है।
SIR को लेकर चर्चा तब और बढ़ी, जब कई बड़े नाम भी नोटिस से जुड़े मामलों में सामने आए। इनमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर जैसे नाम शामिल बताए गए।
हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ किया है कि SIR का नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। आयोग के मुताबिक, नोटिस का मकसद सिर्फ रिकॉर्ड में मिली जानकारी की जांच करना है। अगर किसी जानकारी में गलती या कमी है, तो उसे ठीक करने का मौका दिया जाता है।
मतलब साफ है कि नोटिस मिलने भर से किसी मतदाता का नाम नहीं कटता। संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने और जरूरी कागज दिखाने का मौका मिलता है। इसके बाद जांच के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होती है।
SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग इसे वोटर लिस्ट को सही और अपडेट रखने की प्रक्रिया बता रहा है। इसी मुद्दे पर राशिद अल्वी ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल किए हैं। अब आगे SIR के तहत भेजे जा रहे नोटिस और उनकी जांच को लेकर चुनाव आयोग की ओर से क्या जानकारी सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।