नई दिल्ली

सोनम वांगचुक से अलग हुए CJP के रास्ते? ‘इस्तेमाल और साइडलाइन’ की अटकलों पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

Cockroach Janta Party: वांगचुक और CJP के अलग होने की खबरों पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान। जानिए क्या दोनों के रास्ते अलग हो गए हैं और मतभेद की असली वजह क्या थी। पढ़ें पूरी खबर...
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Jantar Mantar Protest, Dharmendra Pradhan Resignation
सोनम वांगचुक और CJP के बीच दूरी की अटकलों पर अभिजीत दीपके ने दिया जवाब (फोटो सोर्स- IANS)

Abhijeet Dipke: जंतर-मंतर पर लगभग तीन हफ्ते तक चले अनशन के बाद क्या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोनम वांगचुक से दूरियां बना ली हैं। 18 जून को आंदोलन स्थल खाली कराए जाने के बाद से ही यह चर्चा तेज थी कि वांगचुक को सीजेपी ने किनारे कर दिया है। अब इन तमाम अटकलों पर सीजेपी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है।

'सोनम वांगचुक हमारे मेंटॉर, राहें अलग होने का सवाल ही नहीं'

एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके से सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल की तर्ज पर उन्होंने भी सोनम वांगचुक का साथ छोड़ दिया है? तो इस सवाल को सिरे से खारिज करते हुए दीपके ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक उनके लिए हमेशा मार्गदर्शन की भूमिका में रहेंगे। दीपके ने कहा कि हमारा रास्ता बिल्कुल अलग नहीं हुआ है। सोनम सर हमारे मेंटॉर (मार्गदर्शक) हैं। हम आगे भी उनसे मार्गदर्शन लेते रहेंगे। आंदोलन के बाद वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। हम भी थोड़ा रिकवर कर रहे थे। मुझे खुद टाइफाइड हो गया था।

मांगों के मतभेद से शुरू हुई थी दूरियों की अटकलें

अस्पताल में भर्ती होने के बाद सोनम वांगचुक और CJP के रुख में आए बदलाव के कारण ही इन दूरियों की चर्चाएं शुरू हुई थी। आंदोलन के दौरान दोनों पक्षों के बीच दो प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट मतभेद देखने को मिले। पहला मतभेद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर था, जहां सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद वांगचुक ने इस्तीफे की मांग छोड़ दी थी, जबकि सीजेपी इस पर अड़ी रही। दूसरा मतभेद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर था। वांगचुक का मानना था कि केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को राहत मिले और उपद्रवियों पर नियमानुसार कार्रवाई हो, वहीं सीजेपी सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई वापस लेने की शर्त पर डटी हुई थी।

18 जुलाई के बाद प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं, लेकिन रणनीति जारी

18 जुलाई के बाद से सोनम वांगचुक और CJP के नेताओं की आमने-सामने कोई मुलाकात नहीं हुई है।हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दोनों की वीडियो कॉल पर हुई बातचीत की तस्वीर सामने आई थी। आंदोलन खत्म होने के बाद वांगचुक जहां लद्दाख लौट गए, वहीं दीपके अपने घर महाराष्ट्र चले गए थे। हाल ही में 5 और 6 अगस्त को सीजेपी के नेताओं की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक हुई, जिसमें वांगचुक मौजूद नहीं थे। हालांकि, पार्टी का कहना है कि वे लगातार वांगचुक के मार्गदर्शन में ही काम करेंगे।

Updated on:
26 Aug 2026 01:46 pm
Published on:
26 Aug 2026 12:10 pm