
Sonam Wangchuk medical report: अनशन के 21वें दिन सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल प्रशासन और सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। गीतांजलि का दावा है कि उनके पति की हालत को जानलेवा बताया जा रहा है, लेकिन मांगने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट छिपाई जा रही है।
बता दें कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'हाई कोर्ट के आदेश में सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने की बात कहीं नहीं कही गई थी। कोर्ट ने सिर्फ यह कहा था कि व्यक्ति की सेहत सबसे ज़रूरी है और समय-समय पर उसकी निगरानी (मॉनिटरिंग) होनी चाहिए। इसलिए उन्हें इस तरह जबरन अस्पताल में भर्ती करना हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक नहीं है।'
गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल के भीतर की स्थिति साझा करते हुए बताया कि वहां फिलहाल कोई वास्तविक इलाज नहीं चल रहा है, सिर्फ निगरानी और टेस्ट किए जा रहे हैं। गीतांजलि ने कहा कि प्रशासन अब हमें बता रहा है कि सोनम जी के शरीर में पोटैशियम का स्तर काफी गिर गया है और यह एक जानलेवा स्थिति है। लेकिन जब हमने इस दावे की सच्चाई देखने के लिए मेडिकल रिपोर्ट मांगी, तो वे हमें रिपोर्ट दिखाने से साफ मना कर रहे हैं।' अस्पताल की इस बेरुखी को देखते हुए परिवार ने फैसला किया है कि वे अब किसी बाहरी (प्राइवेट) लैब से सोनम वांगचुक के ब्लड टेस्ट करवाएंगे।
गीतांजलि ने स्पष्ट किया कि अस्पताल लाए जाने के बाद भी सोनम वांगचुक का अनशन टूटा नहीं है। वह अभी भी पूरी तरह उपवास पर हैं। डॉक्टर उन्हें ग्लूकोज या शुगर देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह कोई शुगर नहीं ले रहे हैं। वह अस्पताल में भी सिर्फ वही नमक वाला पानी पी रहे हैं, जो वह पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर ले रहे थे।
बढ़ते गतिरोध के बीच गीतांजलि ने सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मैं आभारी हूं कि सरकार ने उनकी सेहत की परवाह की और उन्हें यहां अस्पताल तक लेकर आए। लेकिन अब आगे के कदम हम खुद उठाएंगे। इस मामले में अब हमें सरकार या प्रशासन के किसी भी हस्तक्षेप (Interference) की कोई ज़रूरत नहीं है।'