
नई दिल्ली। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत इन दिनों सोशल मीडिया पर की गई एक इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर विवादों में हैं। छात्र संगठन सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात सोनिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक मरे हुए कॉकरोच की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि खुद को ठीक नहीं कर सकते और देश को ठीक करने निकले हैं। इस पोस्ट को छात्र संगठन ने अपने ऊपर टिप्पणी बताया और कड़ी आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ने के बाद सोनिया ने स्टोरी हटा दी। सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पोस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को कॉकरोच बताना गलत है। संगठन ने तंज कसते हुए लिखा कि हम कॉकरोच हैं और कॉकरोच कभी नहीं मरते। मामले के बाद सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया आचरण से जुड़े नियमों पर भी चर्चा शुरू हो गई। नियमों के अनुसार सरकारी अधिकारियों को व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक या राजनीतिक टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी जाती है।
वर्दी में प्रोफाइल फोटो लगाने को लेकर भी दिशा-निर्देश हैं। मीडिया रिपोर्टों में कुछ अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी ड्यूटी से जुड़े मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी करता है तो यह अनुशासन का विषय बन सकता है। बता दें कि सोनिया सहरावत सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर उनके छह लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनके अकाउंट पर यात्रा, मंदिर दर्शन, फिटनेस, बाइक राइड, साड़ी लुक और दैनिक जीवन से जुड़े कई पोस्ट मौजूद हैं।
हाल की एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि आजादी की कीमत बहुत बड़ी है, लेकिन मुस्कान अनमोल है। दूसरी पोस्ट में उन्होंने बाजार में लोगों की ओर से उन्हें विदेशी पर्यटक समझे जाने का जिक्र किया था। इस बीच सोनिया का एक पुराना इंटरव्यू भी चर्चा में है। उन्होंने बताया था कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें गंभीर चोट लगी थी और 52 टांके आए थे, लेकिन इलाज के बाद उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया।
वहीं, छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल होने के बाद दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल थे, जिन्होंने पुलिस पर पत्थर, जूते और बोतलें फेंकीं। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं को बचाने के दौरान उनके हाथ में चोट लगी और गर्दन पर नाखून के निशान भी आए।