UGC : यूजीसी के नए नियमों के बाद देशभर में विरोध तेज हो गया है। सामान्य वर्ग के लोग सड़कों पर उतर आए हैं, वहीं यूपी के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया।
UGC : यूजीसी नियम बनाने के बाद से पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है, सामान्य वर्ग की तरफ से इस नियम के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यूपी के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी नियमों से मतभेद का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं, इस नियम के विरोध में रायबरेली और लखनऊ में भाजपा के नेताओं ने इस्तीफे दिए हैं। इसके साथ ही छात्रों ने मंगलवार को यूजीसी मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, जिसको लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के बाहर कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
आपको बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र आलोकित त्रिपाठी ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि इस विवादित कानून से महाविद्यालयों की स्थिति खराब हो सकती है और अराजकता फैलने की आशंका है। उनका कहना है कि इन नियमों में सबूत देने की पूरी जिम्मेदारी आरोपी पर डाल दी गई है और झूठे आरोपों का सामना करने वाले छात्रों के लिए कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। त्रिपाठी ने इन नियमों को दमनकारी बताते हुए कहा कि इसमें पीड़ित की परिभाषा पहले से तय मान ली गई है, जबकि परिसर में कोई भी पीड़ित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित इक्विटी टीमें छात्रों के लिए हर समय निगरानी में रहने जैसी स्थिति पैदा करेंगी और इस मुद्दे पर दिल्ली के अलग-अलग कॉलेजों के छात्र भी प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।
नए नियम ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026’ के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकने और उस पर नजर रखने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए विशेष कमेटियां, शिकायत हेल्पलाइन और निगरानी टीमें बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जो छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई करेंगी। नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द की जा सकती है या उनका फंड रोका जा सकता है। इन्हीं प्रावधानों को लेकर सामान्य वर्ग के कुछ लोग नाराज हैं और उनका कहना है कि इससे कैंपस में नई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए इक्वल अपॉर्चुनिटी सेंटर, इक्विटी कमेटी और 24 घंटे काम करने वाली शिकायत हेल्पलाइन अनिवार्य कर दी है। यह व्यवस्था खास तौर पर SC, ST, और OBC छात्रों की सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। UGC का कहना है कि इससे कैंपस में समानता और समावेश को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन इन्हीं नियमों को लेकर कुछ छात्र और संगठन आपत्ति जता रहे हैं।