नई दिल्ली

कोयला घोटाला मामले में पूर्व PM मनमोहन सिंह को क्लीन चिट, निधन के 19 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Manmohan Singh Clean Chit Coal Scam: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं दिग्गज कांग्रेस नेता डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही कथित कोयला घोटाले संबंधित कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है।
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Supreme Court Manmohan Singh Coal Block Allocation Scam judgment
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व PM मनमोहन सिंह को दी क्लीन चिट, समन आदेश रद्द (Photo: X/IANS)

Coal Block Scam Judgment: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित कथित कोयला घोटाले में उनके खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द कर दिया और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। इसके साथ ही इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पूरी तरह समाप्त हो गई।

यह फैसला डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के करीब दो साल बाद आया है। उनका 26 दिसंबर 2024 को 92 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली के एम्स में निधन हुआ था।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा है। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।

आरोप था कि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को कोयला ब्लॉक आवंटित करने में अनियमितताएं हुई थीं। मामले की जांच सीबीआई ने की थी, लेकिन जांच एजेंसी ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि अभियोजन चलाने लायक कोई सबूत नहीं मिला।

मनमोहन सिंह से पूछताछ का दिया था आदेश

लेकिन सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भारत पराशर ने क्लोजर रिपोर्ट नकारते हुए सिंह सहित छह आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी और धारा 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कथित अपराधों के लिए आरोपी के रूप में तलब किया। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पीएमओ के कुछ तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ करे।

2015 में ट्रायल कोर्ट ने किया था तलब

सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद मार्च 2015 में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने यह कहते हुए कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर तलब किया था कि मामले में प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य आधार मौजूद हैं। इसके साथ ही अदालत ने उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारेख और तीन अन्य आरोपियों को भी समन जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने समन पर लगा दी थी रोक

ट्रायल कोर्ट के आदेश को डॉ. मनमोहन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि जब जांच एजेंसी ने किसी भी अभियोजन योग्य अपराध का मामला नहीं पाया, तब ट्रायल कोर्ट द्वारा समन जारी करना कानून के अनुरूप नहीं है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2015 में समन आदेश पर रोक लगा दी थी, जिससे उन्हें ट्रायल का सामना नहीं करना पड़ा।

10 साल बाद खत्म हुई कानूनी प्रक्रिया

यह अपील एक दशक से अधिक समय तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित रही। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह और अन्य को अब क्लीन चिट दिए जाने संबंधी सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इस दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं। अपीलकर्ता के निधन के कारण यह अपील निष्फल मानकर समाप्त की जाती है।

Updated on:
29 Jul 2026 04:08 pm
Published on:
29 Jul 2026 03:48 pm