
Ghaziabad Water Crisis: दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के कई इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। एक तरफ बढ़ती गर्मी और दूसरी तरफ प्यास की मार झेल लोग पानी खरीदकर पीने के लिए मजबूर हैं। दरअसल, रविवार को शहर के 30 इलाकों में जांच किया गया, जिसमें पता चला कि 15 नलकूप ऐसे हैं जो बंद पड़े हैं। इतना ही नहीं कुछ जगहों पर तो बिजली कनेक्शन ही नहीं है। जबकि कई नलकूप खराब स्थिति में हैं। वहीं, नगर निगम का कहना है कि इंदिरापुरम समेत कई क्षेत्रों में नए नलकूपों को जल्द ही चालू कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि विजयनगर जोन में स्थिति बेहद गंभीर है। यहां 16 वार्डों में 30 एचपी के 44 और 5 से 10 एचपी के करीब 190 नलकूप हैं, लेकिन गिरते भूजल स्तर ने समस्या बढ़ा दी है। करीब 350 फीट तक पहुंच चुके भूजल के कारण नलकूप बार-बार खराब हो रहे हैं और पानी उठाने में भी देरी हो रही है। इस वजह से करीब 10 वार्डों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। महापौर सुनीता दयाल ने इस समस्या के समाधान के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत गंगाजल आपूर्ति परियोजना को मंजूरी दी थी, लेकिन इसका लाभ अभी तक लोगों को नहीं मिल पाया है।
प्रताप विहार स्थित गंगाजल प्लांट से मुख्य और वितरण पाइपलाइन को बिछा दिया गया है, लेकिन पानी की सप्लाई अभी भी नहीं हुई है। हालही में इसका परीक्षण भी किया गया था और लोग गंगाजल का इंतजार कर रहे हैं। पानी की सप्लाई में देरी होने की वजह से इसी बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों और निवासियों ने भी नाराजगी जताई है। वार्ड-27 के पार्षद नरेश जाटव का कहना है कि हर साल गर्मी में पानी की समस्या बढ़ जाती है और यदि खराब नलकूप ठीक कर दिए जाएं तो काफी राहत मिल सकती है। वहीं कैला भट्टा के वकील अहमद के अनुसार, कई नलकूप खराब होने के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
गाजियाबाद में पानी की किल्लत के सवाल पर महाप्रबंधक जलकल विभाग केपी आनंद ने कहा है कि इंदिरापुरम सहित शहर के कई इलाकों में नए नलकूप स्थापित किए जा चुके हैं और उन्हें जल्द ही चालू कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर नलकूप खराब हैं, वहां उनकी मरम्मत के साथ-साथ रीबोरिंग का काम भी कराया जाएगा, ताकि पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल हो सके। इसके अलावा गंगाजल परियोजना को लेकर भी विभाग तेजी से काम कर रहा है और उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर गंगाजल की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी, जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।