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‘रोइए मत, अब वह बेहतर जगह पर है’ हरीश राणा का 13 साल का दर्द खत्म, आंसुओं में डूबी विदाई

Harish Rana: बीते बुधवार को हरीण राणा का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान रो रहे परिवार के लोगों को चुप कराते हुए पिता अशोक राणा ने कहा कि रोइए नहीं, अब वह पहले से बेहतर जगह पर है।

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After funeral of Harish Rana his father statement came to light

Harish Rana: 13 साल तक दर्द और संघर्ष से जूझने के बाद आखिरकार वह मासूम जिंदगी से हार गया, लेकिन जाते-जाते भी उसने इंसानियत की मिसाल कायम कर दी। आंखों में आंसू और दिल में भारीपन लिए परिवार ने उसे विदा किया, इस सुकून के साथ कि अब उसकी पीड़ा खत्म हो चुकी है और उसके अंग किसी और की जिंदगी रोशन करेंगे। वहीं, इस दौरान हरीश के पिता ने अपने परिवार वालों से कहा कि रोइए मत, वह अब एक बेहतर जगह पर चला गया है। हरीश के माता-पिता ने शोक व्यक्त करते हुए सबसे आग्रह किया कि शांति बनाए रखे और इसके साथ ही परिवार के साथ खड़े होने के लिए सबका आभार भी जताया।

आपको बता दें कि हरीश राणा को कल, यानी कि बुधवार को दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ अंतिम बधाई दी गई। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य वहां पर मौजूद थे। साथ ही वहां पर महिलाओं के नेतृत्व वाले आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारी की प्रतिनिधि भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। गाजियाबाद की राज एम्पायर सोसाइटी के निवासी भी समर्थन जताने के लिए पहुंचे। इसके अलावा कई एनजीओ से जुड़े लोग, एम्स के कर्मचारी, रिश्तेदार और करीबी मित्र भी इस दुख की घड़ी में मौजूद रहे।

कांग्रेस नेता अजय राय ने परिवार को बंधाया ढांढस

हरीश राणा के निधन की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उनके निवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अत्यंत भावुक क्षण में उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और भविष्य में हर मुमकिन सहायता सुनिश्चित करेगी। वहीं, संस्था की सदस्य लवली ने परिवार के इस धैर्य की तारीफ की और कहा कि इस परिवार के लिए पिछले 13 सालों का सफर चुनौतियों से भरा था, इसके बावजूद भी परिजनों ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने बताया कि इस लंबे और कठिन समय में परिवार ने आध्यात्मिक मार्ग का सहारा लेकर अपनी मानसिक शक्ति को बनाए रखा, जो वाकई प्रेरणादायक है।

'आत्मा अमर है…शरीर विदा ले रहा'

लवली ने गहरे आध्यात्मिक भाव के साथ कहा कि भले ही नश्वर शरीर इस संसार से विदा ले रहा है, परंतु आत्मा अविनाशी है और उसने अपनी एक नई अनंत यात्रा का आरंभ कर दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी दिनों में 'ब्रह्मा कुमारीज' संस्थान की ओर से हरीश की स्मृति में एक विशेष प्रार्थना सभा और 'भोग' का आयोजन किया जाएगा।