Arvind Kejriwal: दिल्ली शराब घोटाले में बरी होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कई मामलों के बावजूद उन्हें झुकाया नहीं जा सका और दावा किया कि उन्हें चुप कराने का अब एक ही तरीका बचा है।
Arvind Kejriwal:दिल्ली शराब घोटाले में बरी होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने बेहद तीखे शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर कहना चाहते हैं कि उनसे निपटने के लिए अब उनके खिलाफ मामले दर्ज कराना काफी नहीं होगा। केजरीवाल का कहना था कि उनके खिलाफ कई केस लगाए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें झुकाया नहीं जा सका। उन्होंने दावा किया कि अब उन्हें चुप कराने का सिर्फ एक ही तरीका बचता है वो है कि उन्हें केजरीवाल को कत्ल कराना होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल से कांग्रेस के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, जिसमें कहा गया था कि उन्हें आरोपमुक्त किया जाना भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य आगामी चुनावों में कांग्रेस की स्थिति को कमजोर करना है। इस सवाल पर केजरीवाल भड़क उठे और उन्होंने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया। केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह जेल गए, तो क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गए? अगर संजय सिंह जेल गए, तो क्या राहुल गांधी जेल गए? और अगर मनीष सिसोदिया जेल गए, तो क्या सोनिया गांधी जेल गईं? उन्होंने कहा कि कांग्रेस किस नैतिक आधार पर इस तरह के आरोप लगा रही है और क्या उसे ऐसी बयानबाजी पर शर्म नहीं आनी चाहिए।
बयान में कहा गया कि यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। वक्ता का आरोप था कि इस साजिश का मकसद आम आदमी पार्टी को खत्म करना था, और इसी वजह से झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में सिर्फ ईमानदारी की कमाई की है और अदालत के आदेश से यह साफ हो गया है कि अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद थे। वक्ता ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले के लिए देश की जनता से माफी मांगी जानी चाहिए