महिला आरक्षण से जुड़े 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। महिला आरक्षण विधेयक मामले पर ओडिशा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया है।
महिला आरक्षण से जुड़े 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस मामले पर कांग्रेस ने सत्ता पक्ष पर जुबानी हमला बोला है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की है। ओडिशा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के कार्यान्वयन को लेकर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया है।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरापुट से सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा- जब विधेयक लोकसभा में पेश किया गया था, तब वे वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस बिल पर सरकार की मंशा शुरू से ही संदिग्ध थी। सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा कि विधेयक 2023 में लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था, केवल 2 सदस्यों ने इसका विरोध किया था। बाद में यह कानून बन गया। उलाका ने पूछा कि जब 2023 में कानून लागू हो गया तो सरकार को राजपत्र अधिसूचना जारी करने में देरी क्यों हुई? सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को इस कानून की अधिसूचना जारी की। आखिर सरकार को राजपत्र अधिसूचना जारी करने में 3 साल क्यों लग गए?
सप्तगिरि शंकर उलाका ने कहा- कांग्रेस पार्टी चाहती थी कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी प्रावधान किए जाएं। इसे 2024 से तुरंत लागू किया जाए। सरकार ने चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया और इसे 2026 की जनगणना और परिसीमन से जोड़कर 850 सीटों वाली विस्तारित विधानसभा में आरक्षण का प्रस्ताव रखा।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि परिसीमन प्रक्रिया जनसंख्या के आधार पर दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम कर सकती है और असम और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में सीटों के आवंटन को सीमित कर सकती है, जहां भाजपा के पास कोई वोट नहीं है। सप्तगिरि शंकर उलाका ने भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पंचायत नेताओं तक के पदों तक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया राष्ट्रीय संबोधन में 29 मिनट के भाषण में कांग्रेस का 59 बार और TMC का 10 बार जिक्र किया, जो उनकी बेबसी और कमजोरी को दर्शाता है।