महिला की धोखे से नग्न अवस्था में फोटो खींची, वायरल करने की धमकी देकर किया दुष्कर्म, दो जनों पर मामला दर्ज, जांच में जुटी नोहर थाना पुलिस
हनुमानगढ़. आधार कार्ड बनाने गई विवाहिता से जान पहचान कर संपर्क बढ़ाकर अश्लील फोटो खींचने व उसे वायरल करने की धमकी देकर बलात्कार करने के आरोप में नोहर थाने में दो जनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीडि़ता ने रिपोर्ट दी कि वर्ष 2015 में उसका विवाह हुआ था। इसके बाद उसे तीन संतान हुई। चार साल पहले उसके पति का देहांत हो गया। करीब चार माह पहले वह आधार कार्ड बनाने गांव मोजीवाली ढाणी में प्रमोद ई-मित्र के पास गई थी। तब उसकी मुलाकात वहां काम करने वाले प्रेमनगर, रावतसर निवासी सुरेन्द्र मेघवाल पुत्र मोमनराम मेघवाल से हुई। आरोपी ने मोबाइल फोन नंबर लेकर उससे बात शुरू कर दी। करीब दो माह पूर्व जब वह अपने मंदबुद्धि भाई की देखभाल करने पीहर आई तो आरोपी उसके पास आया और बलात्कार किया। आरोपी ने उसकी नग्न फोटो खींच ली और वायरल करने की धमकी देते हुए दो-तीन बार देह शोषण किया। इसके बाद आरोपी ने उसे किसी और के सुपुर्द कर दिया। सुभाष नाम के व्यक्ति ने भी एक माह तक उसके साथ बलात्कार किया। किसी तरह उनके चंगुल से बचकर पीडि़ता परिजनों के साथ पुलिस तक पहुंची और मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ बलात्कार व बंधक बनाने सबंधी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच डीएसपी ईश्वर सिंह को सौंपी गई है।
हनुमानगढ़. फाइनेंस कंपनी की किस्तें एकत्र कर गबन करने के आरोप में जंक्शन थाने में कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। राजेश कुमार पुत्र मदनलाल शर्मा निवासी वार्ड 15, भ_ा कॉलोनी, जंक्शन ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड कम्पनी अधिनियम के अंतर्गत रजिस्टर्ड कम्पनी है, जिसका वह शाखा प्रभारी है। आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त यह कंपनी ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं एवं आमजन को ऋण उपलब्ध करने का कार्य करती है। कम्पनी की शाखा जंक्शन के हाउसिंग बोर्ड में है। इसमें पदस्थापित कर्मचारी बलजीत सिंह पुत्र टीका सिंह निवासी वार्ड 19, 5 एआरडब्ल्यू ए, तलवाड़ा झील ग्राहकों को ऋण देने से संबंधित सत्यापन कार्य एवं दिए गए ऋण की किस्तों की वसूली का कार्य करता था। सामान्य निरीक्षण एवं बकाया किस्तों के सत्यापन में यह सामने आया कि बलजीत सिंह ने विभिन्न 16 ग्राहकों से किस्तों की 88233 रुपए की राशि वसूल कर नियमानुसार उसी दिन कम्पनी के बैंक खाते में जमा करने की बजाए उसका गबन कर कम्पनी के साथ धोखाधड़ी की है। धोखाधड़ी के बाद से वह अनुपस्थित रहने लगा। उसे बाद में कम्पनी ने सेवामुक्त कर दिया। इससे पूर्व इस शाखा एवं कम्पनी मुख्यालय ने बलजीत सिंह से सम्पर्क कर गबन की गई राशि को बैंक खाते में जमा करवाने को कहा। मगर उसने इनकार कर दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।