NHAI Tamilnadu
चेन्नई. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के लिए तमिलनाडु राजमार्ग विभाग की राष्ट्रीय राजमार्ग शाखा ने तीन परियोजनाओं का टेकओवर कर लिया है। तमिलनाडु रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, कलैंजर नागरपुरा सालै मेम्पट्टू तिट्टम योजना, राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग के फंड के तहत कुल 9,346 किलोमीटर सडक़ों को फिर से बनाया जाएगा और 2,526 किलोमीटर सडक़ों को विशेष राज्य सरकार के फंड का उपयोग कर फिर से बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य एनएचएआई पर दबाव कम करना और राज्य में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाना है।
तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं
तमिलनाडु राजमार्ग विभाग की राष्ट्रीय राजमार्ग शाखा ने तुत्तुकुडी-कन्याकुमारी, रामनाथपुरम-रामेश्वरम-धनुषकोडी मार्ग और कोयम्बत्तूर-सत्यमंगलम मार्ग सहित तीन प्रमुख राजमार्गों को चार लेन बनाने का काम अपने हाथ में लिया है, जिनमें सत्यमंगलम से तमिलनाडु-कर्नाटक सीमा तक दो लेन का विस्तार किया गया है। इसके अलावा, कई बाईपास परियोजनाओं को भी राज्य सरकार के एनएच विंग को सौंप दिया गया है। यह पहली बार है जब राज्य सरकार का विभाग एनएचएआई के कई करोड़ रुपए की लागत वाली इतनी व्यापक परियोजनाओं को संभालेगा। एनएचएआई ने कई छोटी परियोजनाएं भी तमिलनाडु सरकार को सौंप दी है।
120 किलोमीटर सडक़ चौड़ी करने को मंजूरी
राजमार्ग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महाबलीपुरम से नागपट्टिनम तक चार लेन की ईसीआर का काम एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने तुत्तुकुडी से तिरुचेंदूर होते हुए कन्याकुमारी तक 120 किलोमीटर लंबी ईस्ट कोस्ट रोड को चौड़ा करने को मंजूरी दे दी है, जिसकी भूमि अधिग्रहण के लिए 393.33 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। राज्य राजमार्ग विभाग वेलूर, वेट्टावलम, तिरुवैयारु और राष्ट्रीय राजमार्ग के अन्य क्षेत्रों में बाईपास सडक़ों का काम अपने हाथ में लेने जा रहा है। इन परियोजना कार्यों की लागत 559.17 रुपए निर्धारित की गई है। इसके अलावा, कोयम्बत्तूर-सत्यमंगलम-तमिलनाडु-कर्नाटक सीमा सडक़ के निर्माण के लिए 639.18 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
भूमि अधिग्रहण के लिए 393.33 करोड़
केंद्र सरकार ने ईस्ट कोस्ट रोड (ईसीआर) से तिरुचेंदूर होते हुए तुत्तुकुडी-कन्याकुमारी तक 120 किलोमीटर सडक़ को चौड़ी करने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण के लिए 393.33 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। तमिलनाडु में 11,872 किलोमीटर लंबी सडक़ें 2026 से पहले पुन: निर्मित होगी। समानांतर विकास में 20 निगम और 100 नगर पालिकाओं को कवर करने वाली कुल 11,872 किलोमीटर लंबी सडक़ों को 2026 तक फिर से बनाया जाएगा।