अलवर. इन दिनों प्रतिदिन रात होते ही आधा शहर अंधेरे में डूब जाता है, क्योंकि 14 हजार रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। नगर निगम के अधिकारी व इंजीनियर इनकी सुध नहीं ले रहे। नगर निगम आयुक्त जीतेंद्र सिंह नरूका का कहना है कि खराब रोड लाइटों का सर्वे करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के […]
अलवर. इन दिनों प्रतिदिन रात होते ही आधा शहर अंधेरे में डूब जाता है, क्योंकि 14 हजार रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। नगर निगम के अधिकारी व इंजीनियर इनकी सुध नहीं ले रहे। नगर निगम आयुक्त जीतेंद्र सिंह नरूका का कहना है कि खराब रोड लाइटों का सर्वे करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद 15 दिन में रोड लाइटों की मरम्मत करवाई जाएगी। नगर निगम के मुताबिक शहर में करीब 40 हजार रोड लाइटें हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी खराब हैं। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक यह आंकड़ा करीब 20 हजार के आसपास है। लोगों को रात को अंधेरे में निकलने से डर लगता है। अंधेरे के कारण वारदात का भी डर रहता है।
इन मार्गों पर अंधेरा
200 फीट रोड के अलावा अग्रसेन मार्ग, जेल सर्किल से कला कॉलेज मार्ग, एरोड्रम रोड, काली मोरी से एसएमडी होते हुए परशुराम सर्किल तक, काली मोरी से ईटाराणा ओवरब्रिज तक, मालवीय नगर मार्ग, रेलवे स्टेशन से बिजलीघर मार्ग, रोड नंबर दो, केडलगंज बाजार, पुराना कलक्ट्रेट मार्ग पर 40 फीसदी रोड लाइटें खराब हैं। प्रमुख मार्गों की लाइटों की मरम्मत का जिम्मा यूआईटी के पास है। वार्डों का कार्य नगर निगम देखता है।
वार्ड नंबर 15 के निवर्तमान पार्षद कैलाश कोली ने 6 सितंबर को नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई कि श्योलालपुरा, खदाना मोहल्ला, पड़ाव की चक्की, केडलगंज व स्कीम नंबर 9 में 30 फीसदी रोड लाइटें खराब हैं। रातभर अंधेरा रहता है। अनहोनी की आशंका है। इनको शिकायत नंबर 1175 नंबर दिया गया, लेकिन रोड लाइटें अब तक खराब पड़ी हैं।
वार्ड नंबर 4 की निवर्तमान पार्षद ज्योति जाटव का कहना है कि उनके वार्ड में 88 रोड लाइटें खराब हैं। जाटव बस्ती, लड्डू खास की बगीची, दाई की गुमटी, टेन बी, हाउसिंग बोर्ड, दीवान जी का बाग आदि मोहल्लों में अंधेरा छाया हुआ है। शिकायत दर्ज कराई, पर नगर निगम ने नहीं सुनी।
वार्ड नंबर 11 में लाल दास मंदिर, झम्मन वाली गली, कच्ची बस्ती समेत कई एरिया में रोड लाइटें खराब हैं। निवर्तमान पार्षद देवेंद्र रसगनियां ने शिकायत दर्ज कराई पर लाइटें ठीक नहीं हो पाईं।