बालोतरा जिले का जसोल कस्बा धार्मिक आस्था के साथ प्रमुख औद्योगिक कस्बा है। यहां माता राणी भटियाणी का मंदिर है जहां देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। पोपलीन कपड़े के कारखाने यहां होने से हजारों मजदूर रोजगार पा रहे हैं। ऐसे में यह कस्बा विशेष महत्व रखता है लेकिन यहां की सार संभाल कोई नहीं ले रहा।जिस पर टूटी सड़कें स्थानीय बाशिंदों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी परेशान करती है।
बालोतरा- जसोल मार्ग स्थित भैरव सर्किल सबसे व्यस्ततम सर्किल है। मेगा हाईवे , राष्ट्रीय राजमार्ग व जसोल मार्ग से जुड़े इस सर्कल से हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं। पिछले लंबे समय से सर्किल का मार्ग बहुत अधिक टूटा हुआ है। इससे वाहनों की भारी आवाजाही से पूरे दिन उड़ती रेत से हर दिन हजारों जने परेशानी उठाते हैं। जसोल व इस क्षेत्र से जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण बालोतरा आने के लिए इस सर्किल होते हुए गुजरते हैं। इसके अलावा यह सर्किल मेगा हाईवे , राष्ट्रीय राजमार्ग बालोतरा-जालोर से जुड़ा हुआ है।
इस पर जालोर, सिवाना, सिणधरी, गुड़ामालानी, सांचोर व अहमदाबाद आने-जाने के लिए क्षेत्र के लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके अलावा बालोतरा क्षेत्र के लोग जैन तीर्थ नाकोड़ा, माता रानी भटियाणी जसोल, रूपादे पलिया, दर्शन के लिए इस मार्ग से जाते हैं। ऐसे में अति व्यस्ततम सर्कल मार्ग के टूटे होने से हर दिन हजारों लोग परेशानी उठाते हैं।
सावधानी पूर्वक वाहन चलाने के बावजूद हादसे होते हैं। पिछले दो महीने से सर्कल मार्ग पूरा टूटकर बिखर चुका है। बरसात थमने पर नगर परिषद ने इसकी मरम्मत को लेकर ग्रेवल किया था । लेकिन आज दिन तक इस पर डामर नहीं किया। इस पर पूरे दिन उड़ती रेत से वाहन चालक राहत को तरस गए हैं। नगर परिषद कि इस अनदेखी पर किसी दिन बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे आमजन में रोष है।
कामकाज को लेकर प्रतिदिन जसोल -बालोतरा आना जाना रहता है।का ऐसे मे क्षतिग्रस्त सर्किल पर बाइक स्लिप होकर चोटिल होने का डर हर समय बना रहता हैं। सर्किल की मरम्मत करवाएं।- रूपा राम सोलंकी
पिछले लम्बे समय से सर्किल टूटा हुआ है। इससे पूरे दिन रेत उड़ती है। कंकरीट से वाहन फिसलने से लोग चोटिल होते हैं। लेकिन नगर परिषद प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे हर दिन हजारों परेशानी उठाते हैं।-श्रवण लोहार