Kerala election: केरल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि एलडीएफ पिछड़ता नजर आ रहा है। इन रुझानों से स्पष्ट है लेफ्ट पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा के बाद केरल में सत्ता गंवाने जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो आजादी के बाद देश में पहला ऐसा मौका होगा, जब देश के किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं होगी।
Kerala election results: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है। दोपहर तक के आए रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को बढ़त मिलती दिख रही है। इस रुझानों से प्रतीत होता है कि आजादी के बाद यह पहला मौका हो सकता है, जब देश के किसी भी राज्य में लेफ्ट की सरकार नहीं होगी। वैसे केरल ही एक मात्र राज्य शेष था, जहां लेफ्ट की सरकार थी, लेकिन मौजूदा रुझानों में UDF से पिछड़ती नजर आ रही है। आपको बता दें कि इससे पहले त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में लेफ्ट को जनता नकार चुकी है।
पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में लेफ्ट क्रमशः 2011 और 2018 में जनता ने सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है, तब से इन राज्यों में सत्ता में वापसी करने में वामदल सफल नहीं हो सके हैं। ऐसे में सिर्फ केरल में लेफ्ट की सरकार बनी हुई थी, लेकिन मौजूदा विधानसभा चुनाव में अब तक मिले रुझानों से पता चलता है कि लेफ्ट को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा।
पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा में सत्ता में वापसी नहीं कर पाने और अब मौजूदा केरल विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों पर CPI महासचिव डी राजा लेफ्ट के प्रदर्शन पर निराशा जाहिर की और कहा, 'पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनाने जा रही है। यह न केवल एक चेतावनी है, बल्कि सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक संगठनों के लिए एक वास्तविक सबक है। वामपंथ का प्रदर्शन चिंताजनक है। जब तक हम बंगाल में वामपंथ को पुनर्जीवित नहीं करते, यह पूरे देश में वामपंथ के लिए एक चुनौती होगी। अगर हम केरल हार जाते हैं, तो वामपंथ का भविष्य क्या है?'
केरल विधानसभा की 140 सीटों के दोपहर तक मिले रुझानों के मुताबिक, एलडीएफ 36 सीटों पर आगे चल रही। वहीं UDF 99 सीटों पर बढ़त बनाए हुए जबकि NDA 2 और अन्य 3 सीटों पर आगे चल रहे थे। इस तरह अब तक के रुझानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) राज्य में सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है।