
कटनी. माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित राष्ट्रीय प्रतिभा खोज प्रथम चयन परीक्षा राष्ट्रीय मींस कम मेरिट छात्रवृत्ति चयन परीक्षा 2024-25 रविवार को आयोजित हुई। परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से जिले के 15 परीक्षा केन्द्रों में कराया गया। जिला शिक्षा अधिकारी पीपी सिंह ने बताया कि रविवार को जिले के 15 परीक्षा केंद्रों में आयोजित राष्ट्रीय मींस कम मेरिट छात्रवृत्ति चयन परीक्षा के लिए जिले के कुल पंजीकृत 4 हजार 536 छात्रों में से 4 हजार 246 छात्र उपस्थित हुए। 300 छात्र अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों की 93.60 प्रतिशत उपस्थिति रही है।
सहायक संचालक राजेश अग्रहरि, डीपीसी केके डेहरिया ने बताया कि राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट परीक्षा जिसे राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा है, एक छात्रवृत्ति परीक्षा है, जिसे माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा कक्षा 8 के छात्रों के लिए होती है और इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की अकादमिक क्षमता और बौद्धिक कौशल का मूल्यांकन करना है। इसके माध्यम से अच्छे प्रदर्शन करने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, ताकि वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
इन केंद्रों में हुई परीक्षा
जिले के 15 परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा हुई। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद में 371, शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहोरीबंद में 327, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पान उमरिया में 338 और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पानउमरिया में 270 तथा शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढीमरखेड़ा में 270 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीठी में 314, शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीठी में 146 छात्र, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवनगर में 301 छात्र तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एनकेजे में 237, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वेंकट वार्ड में 201 एवं शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटनी में 224, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़वारा में 386, शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़वारा में 329, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयराघवगढ़ में 382 और शासकीय कन्या हाइस्कूल विजयराघवगढ़ में 140 छात्र परीक्षा में शामिल हुए।
बच्चों की होगी पहचान
इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को पहचानना है जो अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। परीक्षा में चयनित छात्रों को कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो उनकी शिक्षा की लागत को कम करने में मदद करती है। मैथमैटिकल एबिलिटी टेस्ट में छात्र के गणितीय और तर्क क्षमता को परखता है। यह विद्यार्थियों के शैक्षिक ज्ञान और विभिन्न विषयों पर पकड़ को जांचता है। परीक्षा में सफल छात्र को कक्षा 9 से कक्षा 12 तक हर महीने एक निश्चित राशि के रूप में छात्रवृत्ति मिलती है।