
G20 Summit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिका ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आगामी G20 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुतिन निमंत्रण स्वीकार करेंगे और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के अन्य नेताओं के साथ बातचीत करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस निमंत्रण से ट्रंप और पुतिन के बीच और बातचीत का मौका मिल सकता है।
न्यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रुबियो ने कहा, "हमने राष्ट्रपति पुतिन को G20 के लिए आमंत्रित किया है। हमें लगता है कि यह उनके लिए न केवल राष्ट्रपति बल्कि दुनिया के अन्य नेताओं के साथ भी बातचीत करने का एक मौका है। हमें उम्मीद है कि वे निमंत्रण स्वीकार करेंगे। अगर ऐसा होता है, तो दिसंबर में एक मौका मिलेगा। अगर उनके मिलने का कोई और मौका बनता है और बैठक का कोई मकसद होता है, तो यह अच्छा होगा।" उन्होंने आगे कहा,हम बातचीत के लिए तैयार रहेंगे।
बयान में रुबियो ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि तेहरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और यही मुद्दा अमेरिका-ईरान वार्ता का केंद्र बिंदु बना हुआ है। इसी कड़ी में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर मध्यस्थों के माध्यम से ईरानी प्रतिनिधिमंडल से लंबी और रचनात्मक बातचीत हुई है, जिसमें उम्मीद की किरण नजर आई। हालांकि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) से जुड़े विस्तृत सवालों पर रुबियो ने कोई जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
रुबियो ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बताया कि जलडमरूमध्य का दक्षिणी मार्ग खुला हुआ है और वहां से रोजाना तेल की आवाजाही बढ़ रही है। उन्होंने इसका श्रेय अमेरिकी सेना को दिया, जो जहाजों की सुरक्षा के साथ-साथ बारूदी सुरंगें भी हटा रही है। साथ ही उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह लगातार जहाजों पर हमले कर रहा है और अमेरिका इस क्षेत्र में निगरानी व सुरक्षा जारी रखेगा।