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Shani Mangal Budh Ast : शनि, मंगल और बुध तीनों ग्रह अस्त! राहु की चाल से दुनिया में बढ़ सकता है युद्ध और आर्थिक संकट

Shani Mangal Budh Ast : ज्योतिष के अनुसार शनि 22 अप्रैल तक वक्री और अस्त अवस्था में हैं, जबकि मंगल और बुध भी अस्त हैं। राहु-केतु की स्थिति के कारण दुनिया में युद्ध, राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकट के संकेत मिल रहे हैं। जानें ग्रहों की इस खतरनाक स्थिति का देश और दुनिया पर क्या असर हो सकता है।

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Mar 16, 2026
Shani Mangal Budh Ast : खतरनाक ग्रह स्थिति: शनि 22 अप्रैल तक अस्त, राहु कुंभ में… क्या बढ़ेगा वैश्विक तनाव? (फोटो सोर्स: Gemini AI)

Shani Mangal Budh Ast : शनि देव 22 अप्रैल तक वक्री अवस्था में रहेंगे और इसी दौरान बुध और मंगल भी अस्त हैं। ज्योतिष के हिसाब से तीन बड़े ग्रहों का एक साथ अस्त होना काफी हलचल मचाता है। चाहे देश हो या दुनिया। शनि कर्म और न्याय का, मंगल ताकत और वीरता का, जबकि बुध बुद्धि और व्यापार का प्रतिनिधि है। इन ग्रहों के अस्त होने से इनके क्षेत्रों में जरूर असर दिखेगा।

राहु और केतु छाया ग्रह हैं। ये खुद कभी अस्त नहीं होते। लेकिन अगर जिस राशि से राहु या केतु गुजर रहे हैं, उसका स्वामी भी अस्त हो जाए, तो तब इनका बुरा असर बढ़ जाता है। अभी राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में है। कुंभ शनि की मूल त्रिकोण राशि है, और शनि जल्द ही अस्त होने वाला है। मंगल और बुध पहले से ही अस्त हैं, और दोनों अभी कुंभ राशि में ही हैं। यानी शनि की मूलत्रिकोण राशि में। ये स्थिति देशभर में और पूरी दुनिया में मुश्किलों का इशारा करती है।

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शनि फिलहाल मीन राशि में है, और सूर्य भी जल्द ही मीन में आ गए हैं। जैसे ही सूर्य शनि के साथ युति बनाएगा, शासक और जनता के बीच टकराव के हालात बन सकते हैं। बगावत और निजी स्वार्थों की वजह से लोग एक-दूसरे से दुश्मनी निभा सकते हैं। किसी बड़े नेता के खतरे में पड़ने की बात भी कही जा रही है। वैसे भी, दुनिया के हालात पहले से ही काफी गंभीर हैं।

देश और दुनिया पर असर

अब असर की बात करें। अमेरिका, इजराइल और ईरान की जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही। शुरुआत में अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया, जिसमें न सिर्फ जानें गईं, बल्कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत भी हो गई। इस पर ईरान ने मिडिल ईस्ट में इज़राइल और अमेरिका के मिलिट्री बेस पर जवाबी हमला किया। रूस और दूसरे देशों का तनाव भी जारी है।

दुनिया में आर्थिक संकट

दुनिया आर्थिक संकट की ओर जा रही है। मीन राशि जल तत्व है, और शनि का इसमें अस्त होना फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स बढ़ाता है। अमेरिका, इज़राइल, ईरान की लड़ाई से ग्लोबल इकोनॉमी डगमगा गई है। लोगों की प्रॉपर्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर तहस-नहस हुआ है, स्टॉक मार्केट गिरा है, इन्वेस्टर्स को बड़ा नुकसान हुआ है।

राहु अभी शनि की मूलत्रिकोण राशि में है। भले राहु खुद अस्त न हो, उसका असर शनि जैसा ही दिखता है। इससे हालात और भी खतरनाक हो सकते हैं। देशों के बीच मकसद पूरे करने की जद्दोजहद, डिप्लोमेसी, लालच, दबाव, और फूट जैसी रणनीतियां इस्तेमाल होंगी। मंगल और बुध भी शनि की राशि में अस्त हैं, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

हालात इतने टेढ़े हैं, मगर थोड़ी राहत है। बृहस्पति, जो अभी मिथुन राशि में है, अपनी नौवीं दृष्टि कुंभ राशि पर डालता है (जहां राहु, मंगल, बुध हैं)। बृहस्पति सीधा भी हो गया है, और उसकी शुभ दृष्टि से उम्मीद की जा सकती है कि चीजें धीरे-धीरे स्थिर और बैलेंस हो जाएंगी।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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Published on:
16 Mar 2026 02:52 pm
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