नोएडा में न्यूनतम वेतन 26,000 करने और नए श्रम कानूनों को रद्द करने की मांग पर कर्मचारी अड़े हैं। इसके साथ ही मामूली सैलरी बढ़ोतरी को मजाक करार दे दिया है। बता दें कि तनावपूर्ण स्थिति के बीच प्रशासन ने 11 सूत्रीय आश्वासनों के साथ शांति बनाए रखने की अपील की।
Noida News Today:नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में कर्मचारियों के विरोध के बाद अब कंपनी की तरफ से उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में अपनी मांगें प्रशासन के सामने रख दी हैं। श्रमिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि सैलरी में महज 250 से 300 रुपए की मामूली बढ़ोतरी उनके साथ मजाक है, जबकि आज के समय में एक दिहाड़ी मजदूर भी रोजाना 700 रुपए तक कमा लेता है। इस भीषण महंगाई में परिवार का गुजर-बसर करने की चुनौती का हवाला देते हुए कर्मचारी अब नए संशोधित श्रम कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर सीधे 26,000 रुपए करने की मांग पर अड़ गए हैं। हालांकि, बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए 11 सूत्रीय आश्वासनों का भरोसा दिया है और उनसे शांति बनाए रखने की पुरजोर अपील की है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने इन 11आश्वासनों का भरोसा दिया है।
आपको बता देंं कि कर्मचारियों के तोड़फोड़ और आगजनी करने के बाद से पुलिस ने जैसे-तैसे मोर्चा संभाल लिया। इसके साथ ही नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रुपम ने उग्र प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।
प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अब प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति' का गठन अनिवार्य होगा, जिसकी कमान किसी महिला सदस्य के हाथों में ही रहेगी। इसके साथ ही, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए परिसर में शिकायत पेटी लगाई जाएगी और प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर श्रमिक के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार किया जाए।
वेतन व्यवस्था को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए यह तय किया गया है कि हर महीने की 10 तारीख तक सभी कर्मचारियों की सैलरी का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी कामगारों को अनिवार्य रूप से वेतन पर्ची (Salary Slip) भी दी जाएगी, ताकि वे अपने पारिश्रमिक का पूरा विवरण देख सकें। इन कदमों का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में शांति और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।