1 अक्‍टूबर को Uttar Pradesh में Arms Licence पर से रोक हट गई थी, नोएडा में अब तक 800 से ज्‍यादा फॉर्म जमा हो चुके हैं
नोएडा। शस्त्र लाइसेंस पर से रोक हटते ही आवेदन करने वालों की लाइन लग गई है। अब तक सैकड़ों लोग शस्त्र लाइसेंस के लिए कलेक्ट्रेट में फॉर्म जमा करवा चुके हैं। आवेदन करने वाले लोगों का आरोप है कि उनके फॉर्म आगे संबंधित अधिकारियों के पास नहीं भेजे जा रहे हैं। वहां रिपोर्ट लगनी है। वहीं, शासन की तरफ शस्त्र लाइसेंस देने वालों के लिए वरीयता तय की गई है, जिसके अनुसार लोगों को लाइसेंस दिया जाएगा।
1 अक्टूबर से हट गई है रोक
शस्त्र विभाग के असलहा बाबू अरविंद कुमार का कहना है कि 1 अक्टूबर को Uttar Pradesh में Arms Licence पर से रोक हट गई थी। इसके बाद से अब तक 800 से ज्यादा फॉर्म जमा हो चुके हैं। अब भी लाइसेंस लेने वालों की लंबी लाइन लगी हुई है। वहीं, आवेदनकर्ताओं का कहना है कि लंबी प्रक्रिया को पूरा करने बाद फॉर्म को जमा किया जा रहा है। फीस जमा करने में भी काफी समय लग रहा है। आरोप है कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के पास उनके आवेदनों को रिपोर्ट लगाने के लिए नहीं भेजा जा रहा है। इस बारे में अरविंद कुमार ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों को संबंधित अधिकारियों के पास रिपोर्ट लगवाने के लिए भेजा जा रहा है जबकि कुछ जांच के लिए ऑफिस में हैं।
इन्हें मिलेगी वरीयता
आपको बता दें कि योगी सरकार ने सूबे में 2013 से शस्त्र लाइसेंस (gun license) प्रकिया पर ली रोक को बहाल कर दिया है। शस्त्र लाइसेंस के लिए कुछ लोगों को वरीयता दी जाएगी।
- अपराध पीड़ित
- विरासत
- व्यापारी/उद्यमी
- बैंक/संस्थागत/वितीय संस्थान
- विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी, जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं
- सैनिक/अर्धसैनिक/पुलिसबल के कर्मी
- एमएलए/एमएलसी/एमपी
- राज्य/राष्ट्रीय/अंर्तराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज
यह फीस देनी होगी
रिवाल्वर- 2000 रुपये
.22 बोर राइफल- 1500 रुपये
शॉटगन- 1000 रुपये
एमएल गन- 200 रुपये