नोएडा

अखिलेश यादव का जमीनी दांव, बोले- ‘सरकार बनी तो किसानों को मिलेगा जमीन का बाजार भाव’

Akhilesh Yadav Dadri Rally : नोएडा के दादरी में अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान: सपा सरकार बनी तो किसानों को सर्किल रेट नहीं बल्कि बाजार भाव (Market Rate) पर मिलेगा जमीन का मुआवजा।

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Mar 29, 2026
अखिलेश यादव ने दादरी में चला जमीनी दांव, PC- Patrika

नोएडा (दादरी) : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज गौतम बुद्ध नगर के दादरी में आयोजित 'समाजवादी समानता भाईचारा' रैली के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरणों को गरमा दिया है। किसानों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से अखिलेश यादव ने एक बड़ा 'जमीन दांव' चलते हुए वादा किया कि भविष्य में सपा सरकार आने पर किसानों की जमीन का अधिग्रहण केवल बाजार भाव (Market Rate) पर ही किया जाएगा।

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विकास के नाम पर किसानों से अन्याय

रैली में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने वर्तमान भाजपा सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने विकास का ढांचा तो खड़ा किया, लेकिन उसकी कीमत किसानों को अपना हक खोकर चुकानी पड़ी।

'भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर आपकी कीमती जमीनें तो ले लीं, लेकिन मुआवजा देते समय आंखें मूंद लीं। किसानों को उनकी जमीन का सही हक यानी बाजार भाव नहीं दिया गया। मैं आज दादरी की इस धरती से वादा करके जा रहा हूं कि समाजवादी सरकार में किसानों के साथ यह अन्याय नहीं होगा।'

जानें सपा ने 'किसान विजन' में क्या बताया

अखिलेश यादव ने रैली के दौरान अपनी भावी सरकार का रोडमैप साझा किया, जिसमें मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर जोर दिया गया।किसी भी सरकारी या निजी विकास कार्य के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का भुगतान सर्किल रेट के बजाय उस समय के वास्तविक बाजार मूल्य पर किया जाएगा। जमीन लेने की प्रक्रिया में किसानों की सहमति और उनके भविष्य के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी। 'भाईचारा रैली' के जरिए अखिलेश ने पिछड़ों, दलितों और किसानों को एकजुट कर एक नए सामाजिक गठबंधन का संदेश दिया।

बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे किसान

गौतम बुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्र (जैसे जेवर, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद) में जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसी मेगा परियोजनाओं के कारण भूमि अधिग्रहण एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। यहां के किसान लंबे समय से बढ़े हुए मुआवजे और विकसित भूखंडों की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।

अखिलेश यादव का यह बयान सीधे तौर पर उन हजारों किसानों की नाराजगी को वोट बैंक में बदलने की कोशिश है, जो मुआवजे की विसंगतियों से परेशान हैं। जानकारों का मानना है कि 'बाजार भाव' का यह कार्ड आगामी चुनावों में पश्चिमी यूपी की सीटों पर निर्णायक साबित हो सकता है।

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Published on:
29 Mar 2026 03:48 pm
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