Highlights - गृहमंत्री अमित शाह मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत के वरिष्ठ अधिकारियों संग करेंगे वीडियो कांफ्रेंसिंग - चारों जिलों के जिलाधिकारी, एसएसपी और कमिश्नर के अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव भी रहेंगे वीडियो कांफ्रेंसिंग में मौजूद - कोरोना वायरस से संबंधित सभी विषयों पर होगी चर्चा

नाेएडा. मेरठ (Meerut), गाजियाबाद (Ghaziabad), गौतमबुद्ध नगर (Gautambudh Nagar) और बागपत (Baghpat) जिलों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस (CoronaVirus) के मामलों को लेकर प्रदेश सरकार के साथ ही केंद्र सरकार भी खासा चिंतित है। यही वजह है कि गुरुवार को केंद्रीय गृहमंंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) इन चारों जिलों के जिलाधिकारी, एसएसपी और कमिश्नर के अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हालात पर चर्चा करेंगे। बता दें कि देर रात तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने गृहमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग को लेकर मैराथन बैठक की है।
उल्लेखनीय है कि मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत में लगातार कोरोना के मामलेे बढ़े रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भी मेरठ मंडल की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। सीएम योगी अब तक लखनऊ से तीन टीम भेज चुके हैं, लेेकिन कोरोना संक्रमण पर लगाम नहीं लग पा रही है। यही वजह है कि इन जिलों में कार्रवाई की कमान अब केन्द्र सरकार के हाथ में है। गृहमंत्रालय की तरफ से जारी की गई सूचना के मुताबिक, गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को यूपी के मुख्य सचिव और मेरठ मंडल की कमिश्नर के साथ मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत के डीएम, एसएसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कोरोना संक्रमण के वर्तमान हालात पर समीक्षा करेंगे।
गृहमंत्रालय की सूचना के बाद से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर देर रात तक स्वास्थ्य विभाग मौजूदा हालात की रिपोर्ट तैयार करने में जुटा रहा। बताया जा रहा है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग से पहले गृहमंत्री कमिश्नर, डीएम और संबंधित विभागों की रिपोर्ट पर बात करेंगे। इसके बाद कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर समीक्षा होगी।
इन विषयों पर होनी है समीक्षा
- कोरोना के सैंपल की जांच, इलाज और प्राइवेट लैब में जांच की दर।
- हॉस्पिटल में बेड की उपलब्धता, मरीजों के इलाज की व्यवस्था।
- होम क्वारंटीन प्रोटोकॉल, उसके बाद होने वाली कार्रवाई।
- कैंटेनमेंट जोन में सर्विलांस की स्थिति, संपर्कों की जांच।
- गैरसरकारी संगठनों की भूमिका और जिलों में एम्बुलेंस व्यवस्था।