धारा-144 के तहत चार या उससे ज्‍यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर जेल तक हो सकती है
नोएडा। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण संगठनों ने गुरुवार यानी आज भारत बंद का ऐलान किा हुआ है। इसको लेकर प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां पूरी करते हुए कई जिलों में धारा-144 लगा दी है। इसके तहत चार या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर जेल तक हो सकती है। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण संगठनों के भारत बंद को देखते हुए वेस्ट यूपी के शामली, संभल, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, मेरठ और बिजनौर में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसको लेकर पुलिस व प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला।
इन जिलाें में नहीं दिखा असर
वेस्ट यूपी के जिलोें की बात की जाए तो बिजनौर में सुबह 11 बजे तक बंद का कोई असर नहीं दिखा। श्जिले में बाजार खुले हुए थे। हालांकि, प्रशासन भी मुस्तैद दिखा। मुजफ्फरनगर में भी बंद का कोई असर नहीं दिखा। सभी बाजार खुले हुए हैं। वहां त्योहारों को देखते हुए धारा-144 करीब दस दिन पहले ही लागू हो गई थी। सहारनपुर में भ्ी ऐसा ही नजारा रहा। वहां भी मुख्य बाजार खुले हुए हैं। हालांकि, गली-मोहल्लों में कुछ दुकानें बंद रहीं। मुरादाबाद में भी बंद का कोई खास असर नहीं देखा गया। कुछ ऐसा ही हाल मेरठ और शामली में भी देखने को मिला।
यहां रहे बाजार बंद
वहीं, बुलंदशहर के खुर्जा में गुरुवार सुबह से ही सवर्ण समाज के लोगों ने बाजार बंद करा दिया। भारत बंद के समर्थन में उतरे सवर्ण समाज के लोगों ने व्यापारियों के साथ मिलकर पूरी तरह बाजार को बंद करा दिया। इसको देखते हुए सीओ व पुलिस बल मौके पर नजर रखे हुए हैं। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर के दादरी में भी बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने नगर में जुलूस निकालकर धरना दिया। बंद को लेकर कई जिलाें में अलर्ट घोषित किया गया है। मेरठ के सभी संवेदनशील स्थानों पर पीएसी तैनात की गई है। मेरठ में 21 अतिसंवेदनशील और 39 संवेदनशील स्थानों पर पीएसी लगाई गई है। शामली में भी संवेदनशील स्थानों पर पीएसी व पुलिस बल को तैनात किया गया है।