Twisha Sharma death case: भोपाल में मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में तीन लोग ट्विशा के शव को ऊपर से नीचे लाते हुए दिखे हैं, जिनमें उनका पति और कांग्रेस से जुड़ा एक रिश्तेदार शामिल है।
Twisha Sharma death case: 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत के मामले में जांच कर रही एसआईटी को एक बड़ी कामयाबी मिली है। रिपब्लिक की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, घटना वाले दिन घर के सीसीटीवी फुटेज में तीन लोग ट्विशा के शव को संभालते और नीचे लाते हुए दिखाई दिए हैं। यह हाई-प्रोफाइल मामला दहेज उत्पीड़न और मौत से जुड़ा है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, 12 मई को घटना के तुरंत बाद भोपाल वाले घर में लगे सिक्योरिटी कैमरों की डिजिटल जांच की गई। इसमें तीन लोग ट्विशा के शव को घर के ऊपरी हिस्से से नीचे लाते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। इन तीनों की पहचान कर ली गई है। समर्थ सिंह ट्विशा का पति और स्वराज सिंह समर्थ का चचेरा भाई जो एक कांग्रेस नेता है। घर का नौकर जिसने शव को हटाने में इन दोनों की मदद की थी।
राजनीतिक रसूख रखने वाले स्वराज सिंह घटना के तुरंत बाद उस घर में मौजूद थे। एसआईटी ने स्वराज सिंह का पूरा बयान दर्ज किया है। पुलिस उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह उस वक्त वहां क्यों मौजूद थे और लोकल पुलिस के आने से पहले उन्होंने शव को क्यों छुआ। पुलिस को शक है कि सबूतों को मिटाने या क्राइम सीन से छेड़छाड़ करने के लिए शव को इतनी जल्दी वहां से हटाया गया था।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और भाई मेजर हर्षित शर्मा का आरोप है कि आरोपी परिवार अपने रसूख का इस्तेमाल करके जांच को भटकाने की कोशिश कर रहा है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह जो खुद एक वकील है, 10 दिनों तक फरार था और कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उसे वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोप लगे हैं। वहीं समर्थ की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड ज्यूडिशियल ऑफिसर पर भी घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का आरोप है।
इस मामले में पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भारी गड़बड़ियां सामने आई थीं, जैसे ट्विशा की लंबाई 10 सेंटीमीटर गलत लिखना और शव की तस्वीरें न लेना। इसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। फिलहाल एसआईटी आरोपी समर्थ सिंह से 7 दिनों की रिमांड में पूछताछ कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि यह आत्महत्या थी या सोची-समझी हत्या।