नोएडा

इस सपा संस्थापक ने किया बड़ा खुलासा, कहा- अखिलेश यादव की वजह से घुट-घुटकर जी रहे मुलायम सिंह यादव

सपा संस्थापक सदस्य ने अखिलेश यादव पर लगाया हिंदुत्व पर आधारित राजनीति करने का आरोप

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Oct 22, 2018
akhilesh yadav
इस सपा संस्थापक ने किया बड़ा खुलासा, कहा- अखिलेश यादव की वजह से घुट-घुटकर जी रहे मुलायम सिंह यादव

नोएडा. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। शिवपाल यादव के बाद अब एक और सपा संस्थापक सदस्य ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं इस सपा संस्थापक सदस्य ने अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए हिंदुत्व पर आधारित राजनीति करने का आरोप लगाया है। सपा के संस्थापक सदस्यों में गिने जाने वाले व आजमगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ चुके एहसान खान ने अखिलेश यादव पर मुलायम सिंह यादव को पार्टी से बेदखल करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अखिलेश की वजह से ही नेता जी को घुट-घुटकर जीना पड़ रहा है। उक्त बातें उन्होंने नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ऑरेंज पाई होटल में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कही।

प्रेसवार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता एहसान खान ने कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव को बहुत समझाया था कि वे नेता जी यानि मुलायम सिंह के विचारों पर चलें, ताकि हम सब एक रहें और परिवार भी एक रहे। उन्होंने मेरी एक न सुनी, जिसके कारण आज समाजवादी पार्टी बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। यह आप साफ देख और महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिवपाल और नेता जी ने जिस उम्मीद से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया था। उस उम्मीद को अखिलेश यादव ने पूरी तरह मटियामेट कर दिया है। अब सपा का कोई अस्तित्व नहीं रह गया है। अखिलेश यादव ने नेता जी को पार्टी से बेदखल करने के साथ ही पार्टी को राजनीतिक और सामाजिक रूप से समाप्त करने की जो योजना बनाई है। उससे नेता जी को घुट-घुट कर जीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि नेता जी के जीवन की रक्षा करने वाले चाचा को इस कदर अपमानित किया गया कि उन्हें अपना अलग रास्ता चुनना पड़ा।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव गठबंधन का सपना देख रहे हैं, लेकिन मायावती या देश का 35 करोड़ दलित कैसे भुला सकता है कि अखिलेश के निर्देश पर उनके सांसदों ने आरंक्षण के बिल को फाड़कर लोकसभा में पारित नहीं होने दिया था। इस स्थिति में गठबंधन कैसे संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यदि हमें समाजवादी सर्कुलर मोर्चा का दामन थामना पड़ा तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

Published on:
22 Oct 2018 11:15 am