
नोएडा। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक आदेश जारी किया है। अब पार्टी के तौर-तरीकों में बदलाव करने को कहा गया है। बसपा हाईकमान की ओर से संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच समानता लाने के भाव से अब अभिवादन के दौरान किसी भी कार्यकर्ता के पैर छूने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, अगले लोकसभा चुनाव को देखते हुए हाईकमान ने संगठन से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने दलित, अति पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों पर ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया है।
नहीं छुएगा कोई पैर
बताया जा रहा है कि खुद पार्टी अध्यक्ष मायावती ने इसके लिए सभी जोनल कोऑर्डिनेटर समेत अन्य पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। बसपा के एक जोनल कोऑर्डिनेटर ने बताया कि संगठन की ओर से अब बैठकों में अभिवादन के लिए सलाम, आदाब, नमस्कार और जयभीम आदि संबोधनों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। कोई किसी के पैर नहीं छुएगा। मायावती के निर्देश के बाद अब पार्टी के पदाधिकारी बूथ स्तर तक इस आदेश पर अमल कराने में जुट गए हैं।
शुरू हुआ बूथ कमेटियों का पुनर्गठन
इसके साथ ही बसपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। पार्टी की ओर से भंग की गई बूथ कमिटियों को एक बार फिर गठित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही इसमें कोई भी लापरवाही ना बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाध्यक्ष मोहित कुमार ने बताया कि पार्टी की ओर से बूथ कमेटियों के गठन के बाद जिलों के अधिक से अधिक लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए निर्देशित किया गया है।
मुस्लिम, दलित और अतिपिछड़ों पर खास फोकस
बसपा जिलाध्यक्ष मोहित कुमार ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी हाईकमान ने पार्टी के नेताओं को संगठन से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पार्टी ने दलित, अति पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों पर ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद बनाए रखने और पार्टी की रणनीति को उन तक पहुंचाने के लिए जिला कमेटी को सभी कार्यकर्ताओं से पूरा समन्वय रखने को भी कहा गया है।