नोएडा

Dengue Fever: नोएडा-गाजियाबाद में बेकाबू हुआ डेंगू, मरीजों से भरे हैं अस्पताल

Dengue Fever: नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील कुमार शर्मा खुद भी बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सीएमओ में डेंगू के लक्ष्ण जरुर है, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आया है।
2 min read
• •
Updated: 29 Oct 2021, 6:40 PM IST
dengue_1.jpg

Dengue Fever: देश की राजधानी दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद में डेंगू अपना कहर बरपा रहा है। पिछले एक महीने में डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। आलम ये है कि डेंगू के केस बढ़ने से अस्पतालों में बेड की दिक्कत होने लगी है। कई अस्पतालों में तो फर्श पर ही मरीजों को लिटा कर इलाज किया जा रहा है।

सीएमओ भी हैं बुखार से पीड़ित

नोएडा में बुखार के मरीजों से सरकारी और सभी प्राइवेट अस्पताल भरे हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ नोएडा में अक्टूबर महीने में डेंगू के 400 से ज़्यादा मरीजों की पुष्टि हुई है, लेकिन जमीन पर हालात और भी बदतर हैं। सरकारी अस्पताल के बेसमेंट में ही पानी जमा हैं जहां मच्छर पनप रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के विपरीत ज़मीन के हालात कुछ और ही सच्चाई बयान कर रहे हैं। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील कुमार शर्मा खुद भी बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सीएमओ में डेंगू के लक्ष्ण जरुर है, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आया है।

मरीजों से भरे हैं प्राइवेट अस्पताल

नोएडा शहर में हालात ऐसे हो गए हैं कि कैलाश अस्पताल में सभागार में भी बेड लगाने पड़े हैं। डॉक्टरों की मानें तो हर रोज़ बुखार और डेंगू के संभावित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कैलाश हॉस्पिटल की ईएमओ डॉ. सारिका चंद्रा का कहना है कि ओपीडी भरी हुई है। ज़्यादातर मरीज़ बुखार के हैं हम डेंगू सैंपल ज़िला अस्पताल को भेज रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में हालात तो और भी बदतर हैं यहां के शारदा अस्पताल में पिछले 10 दिनों में बुख़ार के लगभग 1500 मरीज आ चुके हैं, जिसमें से ज़्यादातर के लक्षण डेंगू के हैं। शारदा अस्पताल के डिप्टी रजिस्ट्रार अजीत सिंह का कहना है कि रोज मरीज आ रहे हैं OPD भरा है, हम बेड बढ़ा रहे हैं।

गर्भवती महिलाएं बरते सावधानी

वहीं, गाजियाबाद में भी डेंगू बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों को सचेत भी किया जा रहा है और कई तरह की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस संगीता गोयल ने बताया कि महिला मरीजों की संख्या में एका-एक इजाफा हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा बुखार से पीड़ित महिला शामिल हैं। उन्होंने बताया कि खासतौर से गर्भवती महिलाओं को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि हल्का सा भी बुखार या कोई अन्य परेशानी होती है। तो तत्काल प्रभाव से महिलाओं को जांच कराने के बाद अपना उपचार अवश्य कराना चाहिए।

Published on: