Noida Salary Hike News: नोएडा डीएम मेघा रूपम ने प्रदर्शनकारी श्रमिकों को बड़ा आश्वासन दिया है। अब ओवरटाइम और रविवार को काम करने पर मिलेगा दोगुना भुगतान।
Noida Salary Hike News: नोएडा के इंडस्ट्रियल हब में मचे बवाल के बीच जिलाधिकारी (DM) मेघा रूपम ने प्रदर्शनकारी श्रमिकों को शांत करने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी श्रमिक का आर्थिक शोषण नहीं होगा और ओवरटाइम से लेकर रविवार की छुट्टी के बदले मिलने वाले भुगतान के लिए सख्त नियम लागू किए जाएंगे। डीएम ने आश्वासन दिया है कि श्रमिकों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुना मिलेगा और बोनस की राशि भी सीधे उनके बैंक खातों में समय पर पहुंचाई जाएगी।
वहीं, प्रमुख सचिव (श्रम) एमकेएस सुंदरम ने नोएडा में हुई बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्रमिकों और उद्यमियों के बीच संतुलन बनाने के साथ-साथ उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई श्रम संहिताओं के तहत न केवल न्यूनतम वेतन की गारंटी सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि समय पर भुगतान, समान कार्य के लिए समान वेतन और ओवरटाइम पर दोगुना पारिश्रमिक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं देने के साथ-साथ सुरक्षित कार्यस्थल मुहैया कराना प्राथमिकता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कहीं भी श्रमिकों के शोषण का मामला सामने आया, तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा के सेक्टर-81 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन देखते ही देखते एक भीषण रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अपनी मांगों पर अड़े करीब 200 से अधिक आक्रोशित कर्मचारियों का सब्र उस वक्त टूट गया जब प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला। प्रदर्शनकारियों ने अचानक उग्र रुख अपनाते हुए कंपनी परिसर पर धावा बोल दिया और बाहर से भीतर की ओर अंधाधुंध पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थरबाजी इतनी भीषण थी कि कंपनी की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और वहां मौजूद स्टाफ में भगदड़ मच गई। स्थिति को हाथ से निकलता देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला, लेकिन जब उपद्रवी शांत नहीं हुए तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस को मजबूरन आंसू गैस के गोले दागने पड़े। धुएं के गुबार और पथराव के बीच पूरे इलाके में दहशत फैल गई, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए गए।