Noida Industrial Area Violence: नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में दूसरे दिन भी बवाल; पुलिस की गाड़ियों पर पथराव के बाद सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च। डीजीपी बोले- उपद्रवियों से की जाएगी संपत्ति के नुकसान की वसूली।
Noida Employees Protest: वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर नोएडा के इंडस्ट्रियल हब में शुरू हुआ आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को हुई भयंकर हिंसा को कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस पुलिस संभाल लिया था, लेकिन फिर से मंगलवार सुबह कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और पुलिस के साथ उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। शहर के कुछ इलाकों में भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया गया। हालांकि, भारी पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ दिया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
आपको बता दें कि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे औद्योगिक क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान सुबह 5 बजे से ही संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी (CCTV) की मदद ली जा रही है। हिंसा की आशंका को देखते हुए आज ज्यादातर कंपनियों ने अपने गेट बंद रखे हैं और कामकाज ठप रहा।
वहीं, इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस मामले में कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा और आगजनी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी ने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को जो भी नुकसान पहुंचाया गया है, उसकी भरपाई सीधे तौर पर चिन्हित उपद्रवियों की संपत्ति से की जाएगी। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर पथराव करने वालों की पहचान करने में जुटी है।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल फेज-2 और आसपास के सेक्टरों में भारी पुलिस बल तैनात है। नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल फेज-2 और आसपास के सेक्टरों में भारी पुलिस बल तैनात है।