डीएम के आदेश पर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने वाले 24 बिल्डरों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
नोएडा. फ्लैटों पर कब्जा देने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराने वाले बिल्डरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम बीएन सिंह ने बताया कि सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले 24 बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। इनमें से दस बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, बाकी पर जल्द केस दर्ज किए जाएंगे। बता दें कि इन बिल्डरों पर बिना रजिस्ट्री कराए ही 10 हजार 318 बायर्स को पजेशन देने का आरोप है। इससे प्रदेश सरकार का अनुमानित करीब 334 करोड़ 13 लाख रुपए के राजस्व हानि पहुंचाने की बात कही गई है। इसे डीएम ने गंभीर मामला मानते हुए इन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिए हैं। इसके अलावा अभी कई बिल्डर रडार पर हैं। उनकी जांच की जा रही है।
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बता दें कि सरकार ने रजिस्ट्री विभाग को 320 करोड़ राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया है। हालांकि विभाग लक्ष्य के काफी करीब है, लेकिन शहर के तमाम बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने बायर्स को फ्लैटों पर कब्जा तो दे दिया, लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हुई है। ऐसे फ्लैटों की संख्या 10 हजार 318 है। इन फ्लैटों की रजिस्ट्री न होने से सरकार को 334 करोड़ 13 लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई है। इसे डीएम ने गंभीर मामला मानते हुए 24 बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। जिन बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, उनमें आम्रपाली ग्रुप के छह प्रोजेक्ट, यूनिटेक के तीन प्रोजेक्ट, एसोटेक के दो प्रोजेक्ट के अलावा लाजिक्स ब्लोसम, सन वर्ल्ड वनलिका, एआईएमएमजी ऐजल्स प्राइवेट लिमिटेड, विक्ट्री क्रास रोड, पेन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एजीएस अजनारा होम्स, डिवाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एजेवी हाइट्स, सीसीएससी सहकारी आवास समिति सीनियर सिटीजन होमेस प्राइवेट लिमिटेड, महालक्ष्मी ग्रीन, टिस्को प्लाइस हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी, एक्वायर गार्डेनिया एम्स , और स्कवायर गार्डेनिया गिलोरी शामिल हैं।
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जिले के 10 बिल्डरों पर थाना सेक्टर-39 में 3, थाना सेक्टर–49 में 2, थाना फेज-2 में 3, थाना सूरजपुर में 2 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं नोएडा के रजिस्टार द्वितीय के छुट्टी पर होने की वजह से पांच बिल्डरों की शिकायत सेक्टर-24 थाने नहीं पहुंची थी, जिसे सोमवार को थाने पहुंचाने की बात अधिकारियों ने कही है।
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डीएम ने बताया कि फिलहाल बायर्स को कार्रवाई से बाहर रखा गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री विभाग को तमाम बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।