Highlights: -बाजिदपुर निवासी अरुण चौहान इसी वर्ष सीए की फाइनल परीक्षा पास कर अपने गांव के पहले C.A बन गए हैं -अरुण बताते हैं कि पिता की नौकरी चले जाने के बाद उनके परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं था -उन्होंने खर्चे के लिए गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का फैसला किया
नोएडा। पिता की 2001 में नौकरी चली गई। जिसके बाद आर्थिक तंगी राह का रोड़ा बन गई। फिर भी अपनी लगन और कड़ी मेहनत से सीए बनकर अपने गांव का नाम रोशन कर दिखाया। यहां हम बात कर रहे हैं नोएडा के सेक्टर-135 स्थित बाजिदपुर गांव के निवासी अरुण चौहान की। जिन्होंने इसी वर्ष सीए की फाइनल परीक्षा पास की और अपने गांव के पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गए।
गांव में ट्यूशन पढ़ाकर पहुंचे इस मुकाम तक
बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर इस मुकाम तक पहुंचे अरुण बताते हैं कि पिता की नौकरी चले जाने के बाद उनके परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं था। जिसके बाद उनकी बहनों व भाई ने गांव के स्कूल में व बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। जिससे घर का खर्चा चलता रहा। वहीं उन्होंने भी खर्चे के लिए ट्यूशन पढ़ाने का फैसला किया। जिसके बाद उन्हें इसमें इंटरेस्ट भी आने लगा। इससे आय भी होने लगी और पढ़ाई की तैयारी भी होती रही।
रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं थे फीस के पैसे
उनका कहना है कि उन्होंने सीए के लिए 2012 में रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि इस दौरान वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहे थे। जिसके चलते उन्हें सीए बनने में इतना समय लगा। वह बताते हैं कि उनके टीचर पंकज ठाकुर ने उन्हें सीए की तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ही मेरी आर्थिक स्थिति देखते हुए सीए की रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराने में मदद की।
परिवार और शिक्षकों का रहा योगदान
इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को देते हुए वह कहते हैं कि उनके परिवार के लोगों खासकर बड़ी बहन ने उनकी बहुत मदद की। साथ ही उनके स्कूल की टीचरों ने भी उन्हें बहुत सपोर्ट किया। इसमें विशेषकर साईं कृपा संस्थान की फाउंडर अंजना राजगोपाल का बहुत बड़ा योगदान रहा। जिन्होंने हमारी स्थिति को देखते हुए मेरी स्कूल फीस माफ की। साथ ही कदम कदम पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीए की तैयारी करने वालों को दिया ये संदेश
उन्होंने सीए की तैयारी करने वाले युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सीए कोई पार्टटाइम कोर्स नहीं है। अगर आपको सीए बनना है तो इसके लिए पूरा योगदान देना होगा। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं तो सीए की तैयारी करना छोड़ दीजिए। इसके लिए आपको सब कुछ छोड़कर पढ़ाई में जुटना होगा। लेकिन, अगर आप पूरी मेहनत से कोशिश करेंगे तो जरूर सफला पाएंगे।