Highlights- डीपीएस परिसर में 15 अगस्त को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बसंती देवी का शव मिलने का मामला- कोर्ट के आदेश पर डीपीएस स्कूल की प्रिंसिपल, सुपरवाइजर और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज- डीपीएस प्रिंसिपल ने मृतका बसंती के पति के आरोपों को बताया निराधार
नोएडा. बीते 15 अगस्त को डीपीएस (Delhi Public School) परिसर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बसंती देवी का शव पेड़ से लटकता मिला था। पुलिस ने मामले सुसाइड बताया था, जबकि बसंती के परिवार वालों का आरोप था कि उसकी हत्या करके शव पेड़ पर लटकाया गया है। परिवार वालों की शिकायत पर भी नोएडा पुलिस (Noida Police) ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इसके बाद परिजनों ने न्यायालय की शरण ली। अब चार महीने बाद न्यायालय के आदेश पर नोएडा के डीपीएस की प्रिंसिपल, सुपरवाइजर और एक अन्य के खिलाफ सेक्टर-20 थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मृतका बसंती के पति राकेश ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी पर कुछ ऐसा करने का दबाव डाला जा रहा था, जो वह नहीं करना चाहती थी। बात नहीं मानने पर उसकी हत्या कर दी गई। पति ने यह भी आरोप लगाया था कि 15 अगस्त को छुट्टी होने के बाद भी बसंती को जबरन स्कूल बुलाया गया था। आरोपी प्रेम कुमार और गिरीश पहले भी कई बार बसंती पर दबाव बनाकर तंग करते थे। इसकी शिकायत बसंती ने प्रिंसिपल से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से आरोपियों का हौसला बढ़ गया और उन्होंने बसंती की हत्या कर दी। पीड़ित का कहना है कि पत्नी की मौत के बाद उसने कई बार पुलिस से इस मामले में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
इस मामले में एसपी सिटी अंकुर अग्रवाल का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर डीपीएस की प्रधानाचार्य, सुपरवाइजर प्रेम कुमार व गिरीश जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है| मामले की जांच शुरू कर दी है, जो भी इस मामले में आरोपी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जबकि डीपीएस की प्रधानाचार्य कामिनी भसीन का कहना है की मृतका बसंती के पति राकेश का आरोप निराधार है। कुछ कर्मचारियों से पता चला है कि वह पारिवारिक कारणों से परेशान रहती थी। बसंती ने डीपीएस स्कूल में कुछ महीने पहले ही नौकरी शुरू की थी। उन्होंने बताया की जब इस घटना के बारे में पता चला तो इसकी सूचना खुद उन्होंने पुलिस को दी थी। डीपीएस पुलिस की जांच पूरा सहयोग करेगा।